चमोली/पीपलकोटी, 14 अगस्त। Tunnel Accident Update : उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में THDC की विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल में बड़ा हादसा हो गया। टनल के अंदर अचानक भारी मात्रा में मलबा और पानी आने से करीब 22 मजदूर फंस गए। राहत और बचाव अभियान के दौरान अब तक 20 लोगों को बाहर निकाला गया है। इनमें 9 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कुछ घायल बताए जा रहे हैं, और कई मजदूर अभी भी लापता है और उसकी तलाश जारी है।
1.8 किलोमीटर अंदर आया मलबा और पानी
चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पवार के मुताबिक हादसा शाम करीब 6:30 से 6:45 बजे के बीच हुआ। टनल के करीब 1.8 किलोमीटर अंदर एक कैविटी से अचानक मलबा और पानी बाहर आया, जिसके चलते अंदर काम कर रहे मजदूर फंस गए। रेस्क्यू ऑपरेशन में SDRF और NDRF की टीमें जुटी हैं। भारी मशीनों से मलबा हटाने के साथ टनल से पानी निकालने के लिए तीन बड़े पंप लगाए गए हैं।
14 मजदूर अस्पताल में भर्ती
बचाए गए 14 मजदूरों में 3 से 4 की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को जिला अस्पताल गोपेश्वर में भर्ती कराया गया है। जरूरत पड़ने पर गंभीर घायलों को उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर करने की तैयारी भी की गई है।
पानी और कीचड़ बढ़ने से रेस्क्यू प्रभावित
अधिकारियों के मुताबिक टनल के अंदर पानी और कीचड़ बढ़ने के कारण रेस्क्यू अभियान फिलहाल प्रभावित हुआ है। रेस्क्यू टीमों ने दो लोगों को ट्रेस कर लिया है और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास जारी हैं।
अलग-अलग राज्यों के मजदूर शामिल
हादसे में मृतकों में उत्तराखंड के टिहरी और चमोली के एक-एक व्यक्ति शामिल बताए गए हैं, जबकि अन्य मृतक बिहार और झारखंड के रहने वाले हैं। घायलों में भी बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ के मजदूर शामिल हैं। इसके अलावा पंजाब और हिमाचल प्रदेश के एक-एक व्यक्ति के भी घायल होने की जानकारी है।
CM धामी ने लिया रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर में उच्चस्तरीय बैठक कर पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। सरकार की प्राथमिकता टनल में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना है।
बारिश के बीच पहले भी बिगड़े थे हालात
चमोली में पिछले दिनों भारी बारिश के कारण तमक नाला उफान पर आ गया था। तेज बहाव में सीमा सड़क संगठन द्वारा बनाया गया लोहे का नया पुल बह गया था। बारिश के कारण क्षेत्र में लगातार चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां बनी हुई हैं।

