नई दिल्ली, 01 अगस्त। Jantar Mantar Protest : दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाली किशोरी के माफी मांगने के बाद यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। अब अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में स्क्रीनशॉट किया साझा
कंगना रनौत ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में माफी मांगने वाली लड़की के वीडियो का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए लिखा कि किशोरी खुद कह रही है कि उसने पहले कभी प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ कुछ पोस्ट नहीं किया था, लेकिन उस दिन उसके दोस्त उसे प्रदर्शन स्थल पर ले गए और कथित तौर पर उसे आपत्तिजनक भाषा बोलने के लिए उकसाया गया।

एक्ट्रेस ने आगे लिखा, ज़रा गौर करें कि स्कार्फ़ या बुर्का पहनने वाली एक भी बेटी ने ऐसा अशोभनीय व्यवहार नहीं किया; फिर भी, हमारी बेटियां आसानी से गुमराह हो सकती हैं- ऐसा क्यों है? एक समुदाय के तौर पर हम कहीं न कहीं नाकाम हो रहे हैं; हमें आत्म-मंथन करने और अपनी बेटियों की सुरक्षा करने की ज़रूरत है। कंगना का यह कमेंट उस टीनएजर लड़की के सोशल मीडिया पर माफ़ी मांगने वाला वीडियो पोस्ट करने के बाद आया, जो अब वायरल हो गया है। पहले की रिपोर्ट्स के मुताबिक, नोएडा पुलिस ने उस महिला के ख़िलाफ़ FIR दर्ज की थी, जिसने NEET पेपर लीक को लेकर CJP के विरोध-प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के बारे में कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
कंगना ने युवाओं की राजनीतिक सोच पर सवाल उठाते हुए अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को ‘लेफ्टिस्ट’ और ‘फेमिनिस्ट’ विचारधारा के प्रभाव से बचाएं। उन्होंने यह भी लिखा कि समाज को आत्ममंथन करने की जरूरत है और बेटियों की सुरक्षा तथा सही मार्गदर्शन पर ध्यान देना चाहिए।
FIR वापस नहीं हुई तो फिर होगा प्रदर्शन
इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने चेतावनी दी है कि यदि छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR वापस नहीं ली गई तो आंदोलन फिर शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर अगला विरोध प्रदर्शन पहले से भी बड़ा होगा।
PM मोदी ने दिया माफी और मार्गदर्शन का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विरोध प्रदर्शन के दौरान इस्तेमाल की गई भाषा से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं, लेकिन बच्चों को दंडित करने के बजाय उन्हें सही दिशा दिखाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जैसे कभी-कभी जीभ दांतों के बीच आ जाती है, फिर भी हम दांत नहीं तोड़ते, उसी तरह ये बच्चे भी हमारे अपने हैं। उन्हें सही मार्गदर्शन देना समाज की जिम्मेदारी है।

