Blue Water Mine Rescue: ब्लू वाटर खदान में रेस्क्यू ऑपरेशन तेज, 9 मौतों के बाद अब NAVY संभालेगी मोर्चा; 2 दिन से लापता युवक की तलाश जारी

Blue Water Mine Rescue: ब्लू वाटर खदान में रेस्क्यू ऑपरेशन तेज, 9 मौतों के बाद अब NAVY संभालेगी मोर्चा; 2 दिन से लापता युवक की तलाश जारी

रायपुर, 23 अगस्त। Blue Water Mine Rescue: छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर स्थित ब्लू वाटर खदान में डूबे 24 वर्षीय युवक आदिल खान की तलाश अब इंडियन नेवी करेगी। एसडीआरएफ की टीम पिछले दो दिनों से लगातार रेस्क्यू अभियान चला रही है, लेकिन खदान की अधिक गहराई और पानी से लबालब होने के कारण अब तक युवक का पता नहीं चल सका है। रविवार को इंडियन नेवी की ईस्टर्न कमांड, विशाखापट्टनम से जवान रायपुर पहुंचेंगे और पहुंचते ही सर्च ऑपरेशन शुरू करेंगे।

रायपुर कलेक्टर गौरव सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मामले को लेकर चर्चा की है। आला अधिकारियों से विचार-विमर्श के बाद इंडियन नेवी की टीम को रेस्क्यू के लिए बुलाया गया है।

दो दिन से SDRF चला रही सर्च ऑपरेशन

माना थाना क्षेत्र के नकटी गांव के पास स्थित ब्लू वाटर खदान में पानी की गहराई काफी ज्यादा है। एसडीआरएफ के जवानों को निर्धारित गहराई तक रेस्क्यू की ट्रेनिंग होती है, लेकिन खदान की वास्तविक गहराई अधिक होने के चलते अभियान में तकनीकी और व्यवहारिक परेशानियां आ रही हैं। अब नेवी के प्रशिक्षित गोताखोरों से उम्मीद है कि युवक की तलाश में सफलता मिल सकेगी।

दोस्तों के साथ खदान पहुंचा था आदिल

मौदहापारा निवासी आदिल खान अपने तीन दोस्तों के साथ बुधवार को ब्लू वाटर खदान घूमने पहुंचा था। इसी दौरान दोस्तों के बीच खदान के एक छोर से दूसरे छोर तक तैरकर जाने की शर्त लगी। आदिल और उसका एक दोस्त पानी में कूद गए। दोस्त तो बाहर निकल आया, लेकिन आदिल गहरे पानी में चला गया और डूब गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें आदिल पानी में डूबता दिखाई दे रहा है। दोस्तों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। इसके बाद माना पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची।

अंधेरा होने से रात में नहीं हो सका रेस्क्यू

घटना के समय अंधेरा होने और खदान में पानी की अत्यधिक गहराई के कारण रात में सर्च अभियान शुरू नहीं किया जा सका। गुरुवार सुबह से एसडीआरएफ की टीम ने तलाश शुरू की, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली है।

9 साल में 9 लोगों की मौत

ब्लू वाटर खदान पहले भी कई जानलेवा हादसों का गवाह बन चुकी है। वर्ष 2017 से अब तक यहां 9 लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है। आदिल का शव बरामद होने पर यह आंकड़ा 10 तक पहुंच जाएगा। 31 अक्टूबर 2025 को टाटीबंध के छत्तीसगढ़ पब्लिक स्कूल के 9 बच्चे स्कूल बंक कर ब्लू वाटर खदान पहुंचे थे। नहाने के दौरान जयेश साहू और मृदुल गहरे पानी में डूब गए थे। दोनों के शव अलग-अलग दिनों में बरामद हुए थे। इससे पहले 2017 में 17 वर्षीय सुनैना, मई 2019 में 17 वर्षीय मोहन बाघ, मार्च 2023 में दो युवक और जून 2023 में नदीम, फैजल व शहबाज की डूबने से मौत हुई थी।

पिकनिक या पर्यटन स्थल समझकर न जाएं

लोग इस खतरनाक जगह पर पहुंचकर अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। ताजा हादसे में एक युवक गहरे पानी में डूब गया, जिसकी तलाश के लिए अब इंडियन नेवी को बुलाना पड़ा है। ऐसे में आम जनता से अपील है कि ब्लू वाटर खदान को पिकनिक या पर्यटन स्थल समझकर यहां न जाएं और किसी भी हाल में पानी में उतरने की कोशिश न करें। आपकी एक छोटी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।

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