Nepal Flash Flood: नेपाल में मौत का सैलाब! कोई शेड से लटकता मिला तो किसी की मिली क्षत-विक्षत बॉडी; 160 की मौत, 750+ लापता; 133 भारतीयों का पता नहीं; यहां देखें भयावह VIDEO

Nepal Flash Flood: नेपाल में मौत का सैलाब! कोई शेड से लटकता मिला तो किसी की मिली क्षत-विक्षत बॉडी; 160 की मौत, 750+ लापता; 133 भारतीयों का पता नहीं; यहां देखें भयावह VIDEO

काठमांडू/रसुआ, 27 अगस्त। Nepal Flash Flood: नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड ने हिमालयी क्षेत्रों में भारी तबाही मचा दी है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, करीब 160 लोगों की मौत हो चुकी है और 750 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं। मृतकों और लापता लोगों की संख्या बढ़ने की आशंका है क्योंकि कई इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान अब भी जारी है।

सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में नेपाल के रसुआ और धाडिंग जिले शामिल हैं। तेज बहाव ने गांवों, सड़कों, पुलों और महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचाया है।

133 भारतीय लापता, कई कैलाश मानसरोवर यात्रा पर थे

नेपाल में अचानक आई इस आपदा के बाद 133 भारतीय नागरिकों के लापता होने की खबर है। इनमें बड़ी संख्या में कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग से जुड़े तीर्थयात्री और यात्री शामिल हैं। प्रभावित लोगों और उनके परिवारों की मदद के लिए भारतीय दूतावास तथा कई राज्य सरकारों ने हेल्पलाइन और समन्वय व्यवस्था शुरू की है। हालांकि, अलग-अलग एजेंसियों के आंकड़ों में बदलाव हो रहा है और लापता लोगों की स्थिति की लगातार पुष्टि की जा रही है।

क्या भूकंप के बाद आया मौत का सैलाब?

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनल ने संसद को बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार तिब्बत क्षेत्र में सुबह करीब 8:37 बजे भूकंपीय घटना दर्ज की गई और इसके कुछ मिनट बाद बाढ़ की सूचना मिली। सरकार के अनुसार, शुरुआती आशंका है कि भूकंपीय गतिविधि के बाद हिमस्खलन या ग्लेशियर क्षेत्र में बड़ी टूट-फूट से यह आपदा पैदा हुई हो सकती है।

हालांकि, आपदा के सटीक कारण की तकनीकी और वैज्ञानिक जांच अभी जारी है। कुछ विशेषज्ञों और रिपोर्टों ने इसे बर्फ-चट्टान के बड़े धंसाव या ग्लेशियर से जुड़े घटनाक्रम से उत्पन्न बताया है।

वीडियो में दिखा खौफनाक मंजर

प्रभावित इलाकों से सामने आए वीडियो में लोगों को जान बचाने के लिए भागते देखा जा सकता है। इसके बाद कीचड़, चट्टानों और मलबे से भरा तेज पानी कई इलाकों में घुसता दिखाई देता है। तेज बहाव ने, कई गांवों और बस्तियों को नुकसान पहुंचाया, महत्वपूर्ण सड़कें और पुल बहा दिए, वाहनों को पानी में बहा दिया, संचार और बिजली ढांचे को प्रभावित किया, कई हाइड्रोपावर परियोजनाओं को नुकसान पहुंचाया। रिपोर्टों के मुताबिक, नेपाल में कई पुल और सड़क मार्ग क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि हाइड्रोपावर परियोजनाओं पर भी बड़ा असर पड़ा है।

भोटे कोशी से त्रिशूली तक फैली तबाही

बाढ़ का पानी भोटे कोशी नदी तंत्र से होते हुए कई इलाकों में फैला। रसुआ के तिमुरे क्षेत्र समेत कई सीमावर्ती स्थानों पर भारी नुकसान की सूचना है। इसके बाद नदी तंत्र के निचले इलाकों में भी अलर्ट और निगरानी बढ़ा दी गई।

चीन के तिब्बत क्षेत्र में भी मौतें और लापता लोग

आपदा का असर नेपाल तक ही सीमित नहीं रहा। चीन के तिब्बत क्षेत्र में भी मौतों और लोगों के लापता होने की खबरें सामने आई हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, चीनी हिस्से में भी बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है।

हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू, सेना मैदान में उतरी

नेपाल आर्मी, आर्म्ड पुलिस और अन्य बचाव एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में राहत अभियान चला रही हैं। दुर्गम और सड़क संपर्क से कटे इलाकों तक पहुंचने के लिए हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है। भारत ने भी नेपाल को राहत और मानवीय सहायता भेजने की प्रक्रिया शुरू की है।

मलबे के बीच अपनों की तलाश

नेपाल में इस समय कई परिवार अपने लापता परिजनों का इंतजार कर रहे हैं। कहीं घर मलबे में दबे हैं तो कहीं सड़कें और पुल पूरी तरह गायब हो चुके हैं। यह सिर्फ बाढ़ नहीं, बल्कि हजारों लोगों की जिंदगी बदल देने वाली त्रासदी बन गई है। राहत दल मलबे और कीचड़ के बीच लगातार लोगों की तलाश कर रहे हैं। आपदा में मृतकों और लापता लोगों के आंकड़े राहत एवं बचाव अभियान के साथ लगातार बदल रहे हैं।

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