Nepal Flood News: तबाही का 7वां दिन, एक घर से मिले 23 शव; हजारों लापता और महामारी का खतरा, रेस्क्यू टीमों के सामने भयावह मंजर

Nepal Flood News: तबाही का 7वां दिन, एक घर से मिले 23 शव; हजारों लापता और महामारी का खतरा, रेस्क्यू टीमों के सामने भयावह मंजर

काठमांडू, 01 सितंबर। Nepal Flood News: नेपाल में आई भीषण बाढ़ और आपदा को कई दिन गुजर चुके हैं, लेकिन तबाही का मंजर अब भी दिल दहला देने वाला है। बिखरे मलबे और दलदल के बीच लापता लोगों की तलाश लगातार जारी है। राहत और बचाव एजेंसियां प्रभावित इलाकों में जिंदगियों की तलाश में जुटी हैं, जबकि मृतकों और लापता लोगों का आंकड़ा लगातार बढ़ने की बात सामने आ रही है।

बताए गए आंकड़ों के अनुसार, करीब चार हजार लोग अब भी लापता हैं, जबकि अब तक करीब 962 शव बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।

रेस्क्यू टीमों के सामने भयावह मंजर

नेपाल के नुवाकोट जिले के वेत्रवंती में रेस्क्यू अभियान के दौरान बेहद दर्दनाक दृश्य सामने आया। यहां एक ही घर से 23 शव बरामद किए जाने की खबर है। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में मलबे के नीचे दबे लोगों की तलाश लगातार जारी है। कई इलाकों तक पहुंचना अभी भी चुनौती बना हुआ है, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन प्रभावित हो रहा है।

भारत की गंडक नदी में भी मिले शव

नेपाल की इस भीषण आपदा का असर भारत की सीमा में बहने वाली नदियों में भी दिखाई दे रहा है। जानकारी के अनुसार, गंडक नदी में 23 शव मिले हैं। भारत अब इन शवों को आवश्यक प्रक्रिया के बाद नेपाली एजेंसियों को सौंपने की तैयारी कर रहा है। इससे साफ है कि नेपाल में आई आपदा का असर सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुंच चुका है।

करीब 4 हजार लोग लापता, 350 छात्रों को लेकर चिंता

बाढ़ प्रभावित इलाकों में हजारों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। रसुवा जिले के उत्तरगया गांव में करीब 350 छात्रों के लापता होने की जानकारी ने चिंता बढ़ा दी है। परिजन और स्थानीय प्रशासन लगातार लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं। कई क्षेत्रों में संचार और सड़क संपर्क प्रभावित होने से राहत एवं बचाव कार्यों में मुश्किलें आ रही हैं।

त्रिशूली हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में कई लोग फंसे

आपदा के बाद त्रिशूली 3ए हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में करीब 40 से 42 इंजीनियरों के फंसे होने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि परियोजना क्षेत्र में आपदा के समय इंजीनियर कार्यरत थे। वहीं, त्रिशूली 3बी हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में 118 लोगों के फंसे होने की बात कही जा रही है। इनमें इंजीनियर, अधिकारी और श्रमिक शामिल बताए गए हैं। बताया जा रहा है कि प्रभावित क्षेत्रों में संचार संपर्क बाधित होने के कारण इन लोगों से संपर्क स्थापित करने में भी मुश्किलें आ रही हैं।

अब महामारी का खतरा बढ़ा

बाढ़ की तबाही के बाद नेपाल के प्रभावित इलाकों में अब एक नई चुनौती सामने आ गई है। कई दिनों बाद भी मलबे और दलदल में शव दबे होने की आशंका के बीच दुर्गंध फैलने और महामारी का खतरा बढ़ने की चिंता जताई जा रही है। ऐसे में राहत एजेंसियों के सामने अब केवल लोगों को बचाने और शवों की तलाश की चुनौती नहीं है, बल्कि प्रभावित क्षेत्रों में सफाई, सैनिटेशन और संक्रामक बीमारियों को रोकना भी बड़ी जिम्मेदारी बन गया है। नेपाल में तबाही के कई दिन बाद भी हालात सामान्य होने के कोई संकेत नहीं हैं। हजारों लोगों की तलाश, प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाना और महामारी के खतरे को रोकना, इन तीन बड़ी चुनौतियों से राहत एजेंसियां एक साथ जूझ रही हैं।

About The Author

राष्ट्रीय