Manipur Violence: दुखद तमेंगलोंग में फिर हिंसा, 2 कुकी-जो महिलाओं की गोली मारकर हत्या; खेतों में गए कई ग्रामीण लापता

Manipur Violence: दुखद तमेंगलोंग में फिर हिंसा, 2 कुकी-जो महिलाओं की गोली मारकर हत्या; खेतों में गए कई ग्रामीण लापता

इंफाल, 16 सितंबर। Manipur Violence: मणिपुर में शांति बहाली की कोशिशों के बीच तमेंगलोंग जिले में एक बार फिर हिंसा की घटना सामने आई है। मंगलवार को लेइसांगफाई/लिसांग कुकी गांव के पास दो कुकी-जो महिलाओं की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के दौरान कुछ फार्महाउसों में आग लगाए जाने की भी जानकारी सामने आई है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, घटना के बाद कई ग्रामीणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस के मुताबिक हमलावरों की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।

मृतकों की पहचान 60 वर्षीय चोंगा सिटल्होऊ और 30 वर्षीय किम्बोई सिंगसन के रूप में हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक दोनों खेत क्षेत्र में थीं, जहां हमला हुआ। किम्बोई के बारे में स्थानीय सूत्रों ने बताया कि उन्होंने हाल ही में नर्सिंग की पढ़ाई पूरी की थी और परिवार की खेती में मदद कर रही थीं।

खेतों में गए कई ग्रामीणों का नहीं चला पता

हमले के बाद उन ग्रामीणों को लेकर चिंता बढ़ गई है, जो खेती और अन्य काम के लिए गांव से बाहर स्थित खेतों में गए थे। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कई लोगों का अब तक पता नहीं चल पाया है। घटना के बाद ग्रामीणों ने इलाके में सुरक्षा बढ़ाने और लापता लोगों की तलाश तेज करने की मांग की है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां घटना की परिस्थितियों की जांच कर रही हैं।

कई फार्महाउसों में लगाई गई आग

रिपोर्टों के मुताबिक हमले के दौरान इलाके में बने कुछ कच्चे फार्महाउसों को भी आग के हवाले किया गया। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

दो दिन पहले चार लोगों की हुई थी हत्या

ताजा घटना से महज दो दिन पहले, 13 सितंबर को तमेंगलोंग और पड़ोसी नोनई जिले में अलग-अलग हमलों में चार कुकी-जो नागरिकों की मौत हुई थी। तमेंगलोंग के टोलेन गांव में एक दंपती की मौत हुई थी, जबकि उनके छह वर्षीय बेटे को गोली लगने के बाद इलाज के लिए ले जाया गया था। नोनई के लॉन्गपी क्षेत्र में दो अन्य लोगों की हत्या की गई थी और एक महिला के लापता होने की भी सूचना सामने आई थी। इन घटनाओं के बाद क्षेत्र में नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।

हमलावर कौन थे? अभी स्थिति स्पष्ट नहीं

कुछ स्थानीय संगठनों और सूत्रों ने हमले के पीछे सशस्त्र उग्रवादियों के शामिल होने का दावा किया है, लेकिन हमलावरों की पहचान और उनकी कथित संबद्धता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने भी जिम्मेदार लोगों की पहचान को लेकर जांच जारी होने की बात कही है। ताजा हिंसा के बाद ग्रामीणों ने लापता लोगों की तलाश, क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने और घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

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