Seva Sankalp Abhiyaan : किसान वृक्ष मित्र योजना से मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी के किसानों को मिला आय का नया आधार

Seva Sankalp Abhiyaan : किसान वृक्ष मित्र योजना से मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी के किसानों को मिला आय का नया आधार

रायपुर, 20 सितंबर। Seva Sankalp Abhiyaan : वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा संचालित किसान वृक्ष मित्र योजना मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले के मोहला वनमंडल में किसानों के लिए हरियाली के साथ-साथ अतिरिक्त आय का नया आधार बन सेवा और संकल्प की नई कहानी बयां कर रही है। योजना के तहत किसानों को उनकी निजी भूमि पर वाणिज्यिक प्रजातियों के पौधरोपण के लिए वन विभाग द्वारा संपूर्ण सब्सिडी प्रदान की जा रही है। इससे किसानों पर किसी प्रकार का वित्तीय भार नहीं पड़ रहा है और वे अपनी भूमि पर वृक्षारोपण के माध्यम से भविष्य में अतिरिक्त आय का स्रोत तैयार कर रहे हैं।

 सेवा संकल्प अभियान : किसान वृक्ष मित्र योजना से मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी के किसानों को मिला आय का नया आधार

वित्तीय वर्ष 2026-27 में मोहला वनमंडल में योजना के तहत 218 किसानों ने 188.04 एकड़ निजी भूमि पर कुल 1 लाख 14 हजार 220 पौधों का रोपण किया है। किसानों को पौधों के साथ खाद, कीटनाशक एवं आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन भी पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराया गया है। वन विभाग द्वारा सभी रोपण स्थलों का बीट स्तर पर सत्यापन भी पूर्ण कर लिया गया है।

किसान वृक्ष मित्र योजना का उद्देश्य किसानों की निजी भूमि पर वाणिज्यिक उपयोग वाली प्रजातियों का वृक्षारोपण कराना तथा सहयोगी संस्थाओं एवं निजी कंपनियों के माध्यम से उत्पाद के बायबैक की व्यवस्था सुनिश्चित करना है। इससे किसानों को भविष्य में उनकी उपज का बाजार उपलब्ध कराने के साथ आय में वृद्धि के अवसर मिलते हैं। साथ ही काष्ठ एवं प्लाईवुड आधारित उद्योगों को बढ़ावा, रोजगार सृजन और शासन के राजस्व में वृद्धि का मार्ग भी प्रशस्त होता है।

क्लोन नीलगिरी किसानों की पहली पसंद

योजना के तहत क्लोन नीलगिरी किसानों के बीच सबसे अधिक लोकप्रिय प्रजाति के रूप में सामने आई है। इस वर्ष 120 किसानों ने 100 एकड़ में 90 हजार पौधे लगाए हैं। लगभग 900 पौधे प्रति एकड़ की सघनता तथा 4 से 5 वर्ष में पेपर मिलों के लिए बायबैक की व्यवस्था के कारण किसानों का रुझान इस प्रजाति की ओर बढ़ा है। कुल पौधरोपण में क्लोन नीलगिरी की हिस्सेदारी लगभग 78 प्रतिशत है। इसके अलावा 55 किसानों ने 26.60 एकड़ में 8 हजार साधारण बांस, 2 किसानों ने 1.56 एकड़ में 250 चंदन तथा 1 किसान ने 2 एकड़ में 1,500 मिलिया डुबिया (मालाबार नीम) के पौधे लगाए हैं।

सागौन और टिश्यू कल्चर की ओर भी बढ़ा रुझान

सागौन वर्ग में इस वर्ष 40 किसानों ने कुल 57.88 एकड़ में 14 हजार 470 पौधों का रोपण किया है। इनमें 38 किसानों द्वारा 47.88 एकड़ में 11 हजार 970 साधारण सागौन तथा 2 किसानों द्वारा 10 एकड़ में 2 हजार 500 टिश्यू कल्चर सागौन का रोपण किया गया है। कम समय में बेहतर बढ़वार और सीधे तने जैसी विशेषताओं के कारण टिश्यू कल्चर सागौन के प्रति किसानों का रुझान बढ़ रहा है। वन विभाग द्वारा इसे डेमो प्लांट के रूप में भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

निःशुल्क सहायता से किसानों को मिला प्रोत्साहन

किसान वृक्ष मित्र योजना के तहत किसानों को पौधरोपण के लिए आवश्यक सामग्री एवं तकनीकी सहयोग निःशुल्क मिलने से किसानों में उत्साह बढ़ा है। योजना के माध्यम से निजी भूमि पर वृक्षारोपण को बढ़ावा मिलने के साथ जिले में हरित क्षेत्र के विस्तार और पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिल रहा है।

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