जगदलपुर, 7 नवंबर 2026। Bastar Paddy Procurement 2026 : खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत बस्तर जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की शुरुआत 15 नवंबर से होने जा रही है। इस बार धान उपार्जन व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था के अनुसार, राइस मिलरों द्वारा डिलीवरी ऑर्डर के माध्यम से धान का उठाव खरीदी की पूरी समय-सीमा समाप्त होने के बाद ही किया जाएगा। ऐसे में खरीदी केंद्रों पर लंबे समय तक बड़ी मात्रा में धान सुरक्षित रखने की जरूरत होगी। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी धान खरीदी केंद्रों का विस्तार करने और जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की तैयारी शुरू कर दी है।
धान खरीदी केंद्रों का बढ़ाया जाएगा क्षेत्रफल
नई व्यवस्था के कारण खरीदी केंद्रों में अधिक मात्रा में धान का भंडारण करना होगा। इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने केंद्रों के मौजूदा क्षेत्रफल को बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके लिए खरीदी केंद्रों के आसपास उपलब्ध अतिरिक्त जमीन का भी आकलन किया जाएगा, ताकि धान के सुरक्षित भंडारण में किसी तरह की परेशानी न हो।
कलेक्टर के निर्देश पर तहसीलदारों को जिम्मेदारी
कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देश पर खाद्य विभाग ने जिले के सभी तहसीलदारों को आदेश जारी किया है। इसमें उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों के धान खरीदी केंद्रों और आसपास के स्थानों का तत्काल निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
केंद्रवार भूमि का आकलन कर देनी होगी रिपोर्ट
तहसीलदारों को प्रत्येक धान खरीदी केंद्र के विस्तार के लिए उपलब्ध अतिरिक्त भूमि का केंद्रवार आकलन करना होगा। इसके बाद विस्तृत रिपोर्ट बिना देरी किए संबंधित कार्यालय में जमा करनी होगी। प्रशासन का उद्देश्य खरीदी शुरू होने से पहले सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी करना है।
किसानों को उपज बेचने में नहीं होगी परेशानी
जिला प्रशासन चाहता है कि 15 नवंबर से शुरू होने वाले धान उपार्जन कार्य के दौरान किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी तरह की दिक्कत न हो। केंद्रों में पर्याप्त जगह, सुरक्षित भंडारण और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था समय रहते पूरी करने पर जोर दिया जा रहा है।

