रायपुर, 04 नवंबर । Mahadev Betting App: महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामले में जांच एजेंसियों को बड़ी कामयाबी मिली है। ऐप के सह-संस्थापक और मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर के करीबी सहयोगी रवि उप्पल को दुबई में गिरफ्तार किए जाने की खबर है। अब जांच एजेंसियां उसे भारत लाने की तैयारी में जुटी हैं। रवि उप्पल की गिरफ्तारी को महादेव सट्टा ऐप के कथित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच में अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।
इस मामले में पहले ही सौरभ चंद्राकर को गिरफ्तार कर भारत लाया जा चुका है। अब रवि उप्पल की गिरफ्तारी से जांच एजेंसियों को सट्टेबाजी के इस कथित सिंडिकेट के वित्तीय लेनदेन, नेटवर्क और अन्य सहयोगियों से जुड़े अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। आरोप है कि सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने मिलकर महादेव ऐप के जरिए ऑनलाइन सट्टेबाजी का बड़ा नेटवर्क खड़ा किया था।
जूस की दुकान से शुरू हुआ सफर, ऐसे बना महादेव ऐप का नेटवर्क
छत्तीसगढ़ के भिलाई से शुरू हुई सौरभ चंद्राकर की कहानी बेहद सामान्य पृष्ठभूमि से जुड़ी बताई जाती है। शुरुआती दौर में वह कपड़े की दुकान में नौकरी करता था। इसके बाद उसने नेहरू नगर इलाके में ‘जूस फैक्ट्री’ नाम से जूस की दुकान शुरू की। इसी दौरान उसकी मुलाकात रवि उप्पल से हुई। दोनों की नजदीकियां बढ़ीं और कथित तौर पर वर्ष 2018 के आसपास महादेव ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क की शुरुआत हुई। धीरे-धीरे इस नेटवर्क का विस्तार देश के अलग-अलग राज्यों तक हो गया।
दुबई से चलने लगा करोड़ों का कथित सट्टा साम्राज्य
जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने दुबई में रहते हुए महादेव ऐप सहित कई ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म का नेटवर्क संचालित किया। फ्रेंचाइजी और पैनल सिस्टम के जरिए अलग-अलग राज्यों में इसका विस्तार किया गया। आरोप है कि इस नेटवर्क में फर्जी बैंक खातों, हवाला और अन्य वित्तीय माध्यमों का इस्तेमाल कर अवैध कमाई को इधर-उधर किया जाता था। इस पूरे सिंडिकेट से हजारों करोड़ रुपये के कथित लेनदेन की जांच की जा रही है।
200 करोड़ की शाही शादी से जांच एजेंसियों के रडार पर आया मामला
फरवरी 2023 में दुबई में सौरभ चंद्राकर की भव्य शादी भी काफी चर्चा में रही थी। इस समारोह में करोड़ों रुपये खर्च किए जाने, भारत से मेहमानों को चार्टर्ड विमानों से बुलाने और मनोरंजन जगत की हस्तियों को आमंत्रित करने की खबरें सामने आई थीं। शादी में करीब 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का दावा किया गया था। इसी भव्य आयोजन के बाद महादेव ऐप के कथित अवैध कारोबार और विदेशों में जमा संपत्तियों को लेकर जांच एजेंसियों की पड़ताल तेज हुई।
बुर्ज खलीफा की संपत्तियों से सेलिब्रिटी कनेक्शन तक जांच
महादेव ऐप मामले की जांच के दौरान दुबई में संपत्तियों, कथित हवाला लेनदेन और प्रभावशाली लोगों से संपर्कों को लेकर भी कई आरोप सामने आए। जांच एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े वित्तीय लेनदेन और संभावित लाभार्थियों की पड़ताल कर रही हैं।
अब रवि उप्पल से पूछताछ पर टिकी निगाहें
सौरभ चंद्राकर के बाद रवि उप्पल की गिरफ्तारी को इस मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जांच एजेंसियां उससे महादेव ऐप के संचालन, वित्तीय नेटवर्क, विदेशों में मौजूद संपत्तियों और कथित सहयोगियों को लेकर पूछताछ कर सकती हैं। रवि उप्पल को भारत लाने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस मामले में कई अहम खुलासे होने की संभावना है। फिलहाल जांच एजेंसियों की कार्रवाई और आधिकारिक जानकारी पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

