
रायपुर, 10 मई। CM Campaign : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के दौरान सूरजपुर जिले का एक वीडियो सार्वजनिक होने के बाद सियासत गर्म हो गई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज मंगलवार को सरगुजा दौरे के दौरान उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की। तब उन्होंने स्वीकार किया कि महिला को उस समय उन्हें डांटना नहीं चाहिए था।
भाजपा द्वारा वायरल (CM Campaign) किए जा रहे वीडियो को लेकर CM बघेल ने कहा कि ‘वह महिला अपनी बात कर रही थी, वो दुःखी थी, अपनी पीड़ा बता रही थी, मुझे उस वक्त डांटना नहीं चाहिए था। इस बात का मुझे दुःख है, लेकिन बीजेपी के लोग इस तरह का वीडियो अपलोड कर निम्न स्तर की राजनीति कर रही है। वे अपनी पोजीशन बचाने के लिए बदनाम करने की साजिश रचते हैं।’
उनका जवाब निस्संदेह उनके व्यक्तित्व को और अधिक आम जनता के करीब लाएगा। वह सिर्फ एक किसान का बेटा या मात्र किसी का पुत्र नहीं है, बल्कि राज्य का मुखिया है, वह चाहते तो गलती को स्वीकार भी नहीं कर सकते थे, लेकिन उन्होंने मीडिया के सामने स्वीकारा, यह उसका बड़प्पन है।
छुट्टी पर बच्चों के स्कूल जाने के सवाल पर सीएम ने कहा कि स्वामी आत्मानंद स्कूल जाऊंगा तो बच्चे मिलने आएंगे ही, बच्चो के परिजनों से मिल रहा हूं। आम के बगीचे, साल वृक्ष के नीचे बैठ रहे हैं। हमारा दौरा सामान्य है, जब रमन सिंह का दौरा होता था तो उनके दौरे में ही अरबों करोड़ों रुपए फूंक दिए जाते थे। हमारी योजनाओं से जनता काफी खुश है।
कृष्ण कुंज को लेकर भाजपा के बयान पर सीएम का पलटवार
सीएम बघेल ने कहा कि इनको अपनी चिंता सता रही है, पीपल, बरगद के पेड़ गांव में ही देखने को मिलते हैं, जिसका विस्तार होना चाहिए, इससे भाजपा को क्या तकलीफ है। ये वोट के लिए भगवान को मानते हैं और चुनाव के समय में जय श्री राम बोलते हैं। भगवान राम के मंदिर को लेकर काफी समय से केस चल रहा था। इन्हे लगा कि वोट मिल सकता है तब ये लोग आगे आए। संतोष पांडेय बताए कि 15 साल में इन्होंने राम वन पथ गमन का विकास क्यों नहीं किया। राम कृष्ण शिव हमारे जनजीवन में रचे बसे हैं, भाजपा हमें ना सिखाए.
बीजेपी के चेहरे पर मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि रमन सिंह अब भी कह रहे हैं कि वे एक छोटा चेहरा है और पीएम मोदी की बड़ा चेहरा हैं, डी पुरंदेश्वरी कह रही है कि कोई चेहरा नहीं है। उसके बाद भी वो खुद को छोटा चेहरा बनना चाहते हैं।
कोयले को लेकर कहा
सीएम बघेल (CM Campaign) ने कहा कि केंद्र की कोयला नीति असफल रही है। गर्मी के सीजन में यात्री परेशान है, लेकिन उन्होंने रेल बंद कर दी। सबसे सस्ता यातायात का साधन ट्रेन था, जिसे उन्होंने बंद कर दिया। क्या यह रेल बंद करने वाले हैं? सवाल इस बात का है, इन्होंने जो कोयले की नीति बनाई है उसे पूरा देश भुगत रहा है।