सूरजपुर, 12 सितंबर। Elephant Enters Village : छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले का प्रतापपुर वन परिक्षेत्र एक बार फिर हाथियों और मानव के बीच टकराव को लेकर सुर्खियों में आ गया है। इस बार यह टकराव एक मासूम जान की कीमत पर समाप्त हुआ, जिसने न सिर्फ एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि पूरे गांव को दहशत में डाल दिया।
ग्राम पंचायत गौरा निवासी 50 वर्षीय सुबासो जाती पनिका की शुक्रवार देर रात हाथियों के हमले में दर्दनाक मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, रात लगभग 2 बजे के आसपास हाथियों का एक दल गांव की बस्ती में घुस आया। इस दौरान हाथियों ने घरों के आसपास उत्पात मचाना शुरू कर दिया।
हमले के समय सुबासो देवी अपने मानसिक रूप से अस्वस्थ पुत्र के साथ घर में सो रही थीं। जब उन्होंने हाथियों की आवाज़ें सुनीं, तो उन्होंने अपने बेटे के साथ बाहर निकलकर भागने का प्रयास किया। लेकिन हाथियों के झुंड ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। घर से महज 20 कदम की दूरी पर हाथियों ने महिला को कुचलकर मौत के घाट उतार दिया। बताया जा रहा है कि महिला का शव पूरी तरह क्षत-विक्षत हो गया।
ग्रामीणों में गहरा रोष
घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। ग्रामीणों में गहरा रोष और डर व्याप्त है। लोगों का कहना है कि वन विभाग को कई बार हाथियों की गतिविधियों के बारे में सूचित किया गया था, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि विभाग की लापरवाही के कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ है। अब ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है और लोग अपने घरों से बाहर निकलने से भी डर रहे हैं।
वन विभाग के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे हैं और स्थिति (Elephant Enters Village) का जायजा ले रहे हैं। प्रशासन द्वारा मुआवजा और आवश्यक सहायता की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

