कानपुर, 19 अप्रैल। Big Cyber Fraud Case : शहर में साइबर अपराधियों के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, जिसने ठगी के लिए बेहद चौंकाने वाला तरीका अपनाया। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि जांच में करोड़ों के लेन-देन का खुलासा हुआ है।
जांच में सामने आया कि गिरोह ने एक मोची के बैंक खाते को ट्रांजेक्शन हब के रूप में इस्तेमाल किया, जिसमें करीब ₹80 करोड़ का टर्नओवर हुआ। इस खाते से 656 साइबर ठगी की शिकायतें जुड़ी पाई गई हैं।
₹13 लाख की ठगी से खुला मामला
मामले की शुरुआत तब हुई जब एक दवा कारोबारी ने शेयर ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर ₹13 लाख की ठगी की शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने बैंकिंग ट्रेल के जरिए पूरे नेटवर्क का खुलासा किया।
60-40 फॉर्मूला से होता था खेल
पुलिस के अनुसार, गैंग आम लोगों को उनके बैंक खाते इस्तेमाल करने के लिए तैयार करता था और बदले में 60-40 का फॉर्मूला अपनाता था। यानी रकम का 40% गैंग रखता और 60% खाते के मालिक को देता था।
इलेक्ट्रिशियन और दुकानदार निकले गैंग के सदस्य
इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों में एक इलेक्ट्रिशियन और दूसरा ऑटो पार्ट्स दुकानदार है। दोनों खातों के जरिए पैसों के लेन-देन को मैनेज करते थे।
कई खातों के जरिए घुमाई जाती थी रकम
गैंग सीधे ट्रांसफर से बचने के लिए रकम को कई बैंक खातों में घुमाकर अंत में एक अकाउंट में पहुंचाता था, जिससे जांच एजेंसियों को भ्रमित किया जा सके।
नेटवर्क देश के बाहर तक फैला
जांच में यह भी सामने आया कि इस गिरोह का नेटवर्क उत्तर प्रदेश से बाहर और पड़ोसी देशों तक फैला हुआ है। पुलिस अब मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी है।
पुलिस की अपील: सतर्क रहें
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, निवेश ऑफर (Big Cyber Fraud Case) या संदिग्ध कॉल पर भरोसा न करें और अपनी बैंकिंग जानकारी साझा करने से बचें।

