कोलकाता, 08 मई। Suvendu Adhikari New CM : पश्चिम बंगाल की राजनीति में भाजपा ने बड़ा दांव खेलते हुए सुवेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंप दी है। विधायक दल की बैठक में आठ प्रस्ताव आए, लेकिन हर प्रस्ताव में सिर्फ सुवेंदु अधिकारी का ही नाम शामिल था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हुई बैठक में किसी दूसरे नेता ने दावेदारी तक पेश नहीं की, जिसके बाद सुवेंदु को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुन लिया गया।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव हो गया है। भाजपा ने आखिरकार तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए सुवेंदु अधिकारी को राज्य का नया मुख्यमंत्री चुन लिया है। ममता बनर्जी को चुनाव में करारी शिकस्त देने वाले सुवेंदु अब बंगाल की सत्ता संभालेंगे। शनिवार को कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में उनका भव्य शपथ ग्रहण समारोह होगा।
CM पद के लिए मुकाबले में कोई नहीं उतरा
शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में भाजपा विधायक दल की बैठक हुई, जिसमें नवनिर्वाचित 206 विधायकों ने सर्वसम्मति से सुवेंदु अधिकारी को नेता चुना। खास बात यह रही कि विधायक दल की बैठक में उनके खिलाफ किसी दूसरे नेता का नाम तक सामने नहीं आया। अमित शाह ने घोषणा करते हुए कहा कि विधायक दल के नेता के लिए आठ प्रस्ताव आए और सभी में केवल सुवेंदु अधिकारी का नाम था। उन्होंने कहा कि पार्टी ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत दूसरे नामों के लिए भी समय दिया, लेकिन कोई और दावेदार सामने नहीं आया।
दरअसल, भाजपा नेतृत्व सुवेंदु अधिकारी की आक्रामक राजनीति और ममता बनर्जी को उनके गढ़ में हराने से बेहद प्रभावित है। 2021 में नंदीग्राम में ममता को हराने वाले सुवेंदु ने इस बार भवानीपुर सीट पर भी उन्हें 15 हजार से ज्यादा वोटों से पराजित कर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया।
संवैधानिक संकट की बनी स्थिति
इधर चुनाव परिणामों के बाद राज्य में संवैधानिक संकट जैसी स्थिति बन गई थी। विधानसभा भंग होने के बावजूद ममता बनर्जी ने हार स्वीकार नहीं की और कानूनी लड़ाई की बात कही। इसी बीच राज्यपाल आरएन रवि ने प्रशासनिक जिम्मेदारी अपने हाथों में ले ली थी।
अब शनिवार को सुवेंदु अधिकारी के शपथ (Suvendu Adhikari New CM) लेते ही बंगाल में भाजपा सरकार औपचारिक रूप से काम शुरू कर देगी। भाजपा ने 294 में से 207 सीटों पर जीत दर्ज कर इतिहास रचा है, जबकि तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों पर सिमट गई। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह समेत भाजपा और एनडीए शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री शामिल होंगे। बंगाल भाजपा इसे “नई शुरुआत” के तौर पर पेश कर रही है।

