LPG Scam : महासमुंद में LPG स्कैम का बड़ा खुलासा…! थाने में खड़े ट्रकों से बेच दी ₹1,50,00,000 की गैस…फूड ऑफिसर मास्टरमाइंड…मिले थे ₹50 लाख रिश्वत

LPG Scam : महासमुंद में LPG स्कैम का बड़ा खुलासा…! थाने में खड़े ट्रकों से बेच दी ₹1,50,00,000 की गैस…फूड ऑफिसर मास्टरमाइंड…मिले थे ₹50 लाख रिश्वत

महासमुंद, 10 मई। LPG Scam : छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में सामने आए LPG घोटाले ने प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। थाने में जब्त कर खड़े किए गए छह LPG कैप्सूल ट्रकों से करीब डेढ़ करोड़ रुपये की गैस चोरी कर बाजार में बेच दी गई। इस पूरे खेल में फर्जी दस्तावेज, नकली वजन पर्चियां और सरकारी रिकॉर्ड तक का इस्तेमाल किया गया। मामले में जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

दिसंबर 2025 में किया था 6 कैप्सूल ट्रकों को जब्त

पुलिस जांच के मुताबिक, यह पूरा मामला दिसंबर 2025 में शुरू हुआ था, जब सिंहोड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध LPG रिफिलिंग के आरोप में छह कैप्सूल ट्रकों को जब्त किया था। ट्रकों में भारी मात्रा में गैस भरी हुई थी और उन्हें थाने में खड़ा कर दिया गया था।

यहीं से घोटाले की लिखी पटकथा

मार्च 2026 में गर्मी बढ़ने के साथ पुलिस को आशंका हुई कि कहीं इन ट्रकों की वजह से बड़ा हादसा न हो जाए। इसके बाद ट्रकों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू हुई। यहीं से करोड़ों के घोटाले की पटकथा लिखी गई।

पुलिस के अनुसार, 23 मार्च को जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव और गौरव गैस एजेंसी संचालक पंकज चंद्राकर के बीच मुलाकात हुई, जिसमें LPG बेचकर मोटा मुनाफा कमाने की साजिश रची गई। पंकज चंद्राकर को खरीदार तलाशने और मनीष चौधरी को रायपुर की गैस एजेंसियों से संपर्क करने की जिम्मेदारी दी गई।

26 मार्च को आरोपी सिंहोड़ा थाने पहुंचे और ट्रकों में मौजूद LPG का आकलन किया। जांच में सामने आया कि ट्रकों में करीब 105 मीट्रिक टन गैस भरी थी। उसी रात एक कारोबारी के साथ करीब 80 लाख रुपये में डील फाइनल की गई।

जांच में सामने आया ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स का नाम

पुलिस जांच में रायपुर के ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स के मालिक संतोष ठाकुर का नाम भी सामने आया। आरोप है कि ट्रकों की कस्टडी मिलने के अगले ही दिन अजय यादव को 50 लाख रुपये दे दिए गए। बाकी रकम को लेकर भी डिजिटल ट्रांसफर और हिस्सेदारी का खेल चला।

30 मार्च को फूड डिपार्टमेंट ने आधिकारिक रूप से ट्रकों की जिम्मेदारी ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स को सौंप दी। इसके बाद ट्रकों को अभनपुर स्थित प्लांट ले जाया गया, जहां करीब एक हफ्ते तक धीरे-धीरे LPG निकाली जाती रही।

ट्रकों से करीब 92 मीट्रिक टन LPG गायब

जांच में खुलासा हुआ कि ट्रकों से करीब 92 मीट्रिक टन LPG गायब कर दी गई, जिसकी कीमत लगभग डेढ़ करोड़ रुपये बताई जा रही है। आरोपियों ने इस पूरे घोटाले को छिपाने के लिए फर्जी वजन पर्चियां और नकली सरकारी रिकॉर्ड तैयार किए। मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव, पंकज चंद्राकर, मनीष चौधरी और निखिल वैष्णव को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स के मालिक संतोष ठाकुर और सार्थक ठाकुर फरार बताए जा रहे हैं।

महासमुंद एसपी प्रभात कुमार के मुताबिक, मामले (LPG Scam) की जांच जारी है और आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। पुलिस इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है।

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छत्तीसगढ जुर्म