रायपुर, 11 मई। Mahtari Vandan Yojana : बीहड़ जंगलों और कठिन परिस्थितियों के बीच बसे उसकेवाया गांव की हूंगी माड़वी के लिए जिंदगी कभी आसान नहीं रही। रोज मजदूरी कर परिवार का पेट पालना, बच्चों की जरूरतें पूरी करना और हर दिन नई चुनौतियों से जूझना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था। लेकिन अब छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना ने उनके जीवन में उम्मीद की नई रोशनी जगा दी है।
सुकमा जिले के ग्राम पंचायत बंडा के आश्रित गांव उसकेवाया की हूंगी माड़वी आज उन हजारों ग्रामीण महिलाओं में शामिल हैं, जिनके लिए महतारी वंदन योजना आर्थिक संबल बन गई है। हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की सहायता राशि ने उनके परिवार को कठिन समय में बड़ी राहत दी है। हूंगी बताती हैं कि पहले छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। अब योजना से मिलने वाली राशि से वे बच्चों के लिए पौष्टिक भोजन, घर का राशन और जरूरी सामान खरीद पा रही हैं। मजदूरी से होने वाली आमदनी के साथ यह सहायता राशि उनके परिवार के जीवनयापन का मजबूत आधार बन गई है।
वे कहती हैं कि अब बच्चों के भविष्य को लेकर पहले जैसी चिंता नहीं रहती। घर के खर्चों में थोड़ी स्थिरता आई है और आत्मविश्वास भी बढ़ा है। हूंगी माड़वी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि इस योजना ने ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का काम किया है। दूरस्थ और पहुंचविहीन गांव में रहने वाली हूंगी के लिए यह योजना केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत है।

