रायपुर, 12 मई। Ganja Smuggling in CG : रायपुर रेंज पुलिस ने ‘ऑपरेशन निश्चय’ के तहत अंतरराज्यीय गांजा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 378.060 किलो गांजा जब्त किया है। पुलिस ने महासमुंद, धमतरी और गरियाबंद जिलों में नाकेबंदी कर 12 तस्करों को गिरफ्तार किया है। जब्त गांजा की कीमत करीब ₹1.89 करोड़ बताई जा रही है, जबकि 11 वाहनों समेत कुल जब्त संपत्ति की कीमत लगभग ₹1.98 करोड़ है।

फेरीवाले बनकर कर रहे थे तस्करी
इस बार तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया था। आरोपी खुद को कपड़ा फेरीवाला यानी स्ट्रीट वेंडर बताकर घूम रहे थे। उन्होंने मोटरसाइकिलों की पिछली सीटों के पीछे लोहे का विशेष कम्पार्टमेंट तैयार कर रखा था, जिसके ऊपर कपड़ों का ढेर लगाया जाता था। बाहर से देखने पर कोई शक नहीं होता था कि अंदर गांजा छिपाया गया है।
ओडिशा से MP तक था नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया कि गांजा बालिगुड़ा और रायगढ़ा इलाके से लाकर मध्यप्रदेश में सप्लाई किया जाना था। तस्कर बाइक के जरिए अलग-अलग जिलों से होकर गुजर रहे थे।
महासमुंद में सबसे बड़ी कार्रवाई
महासमुंद पुलिस ने 247 किलो गांजा जब्त कर कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने 7 बाइक, मोबाइल और तस्करी में इस्तेमाल किए गए लोहे के जाले भी बरामद किए।

धमतरी में भी पकड़ा गया नेटवर्क
धमतरी पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान 131 किलो गांजा के साथ 2 तस्करों को गिरफ्तार किया। यहां भी आरोपी कपड़ा विक्रेता बनकर घूम रहे थे।
पुलिस ने पहले भी फेल किए ऐसे पैतरे
रायपुर रेंज पुलिस के मुताबिक इससे पहले भी एम्बुलेंस, केला ट्रांसपोर्ट, मूवर्स एंड पैकर्स, ऑटो, बस और ट्रेन के जरिए गांजा तस्करी की कोशिशें पकड़ी जा चुकी हैं। अब तस्करों ने ‘कपड़ा फेरीवाला’ बनकर नया तरीका अपनाया था, जिसे पुलिस ने फिर नाकाम कर दिया।

जांच जारी
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क (Ganja Smuggling in CG) के अन्य सदस्यों, सप्लाई चैन और फंडिंग की जांच कर रही है। मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड और ट्रांजैक्शन की भी पड़ताल की जा रही है।

