रायपुर, 02 अगस्त। Food Safety : छत्तीसगढ़ सरकार ने उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और हितों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य में पनीर, क्रीम, मक्खन समेत अन्य डेयरी उत्पादों की नकल (Dairy Analogues) कर बनाए जाने वाले गैर-दुग्ध उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह आदेश 31 जुलाई 2026 को राजपत्र में प्रकाशित होने के साथ ही लागू हो गया है।
क्या है सरकार का आदेश?
खाद्य सुरक्षा आयुक्त, छत्तीसगढ़ ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 18 और 30 के तहत आदेश जारी करते हुए ऐसे सभी एनालॉग (Analogue) और Non-Dairy उत्पादों पर रोक लगा दी है जो असली पनीर, क्रीम, मक्खन या अन्य डेयरी उत्पादों जैसी पहचान बनाकर उपभोक्ताओं को भ्रमित करते हैं।
हालांकि फ्रोजन डेजर्ट, प्रोसेस्ड चीज़ और मिक्स्ड फैट स्ट्रैंड जैसे FSSAI द्वारा मानकीकृत उत्पाद इस प्रतिबंध से बाहर रखे गए हैं।
क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?
खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में सामने आया कि कई निर्माता और कारोबारी वनस्पति तेल और अन्य गैर-दुग्ध तत्वों से बने उत्पादों को असली पनीर और डेयरी उत्पाद बताकर बेच रहे थे।
जांच में यह भी पाया गया कि, कई उत्पादों पर सही लेबलिंग नहीं थी। होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में बिना जानकारी दिए एनालॉग पनीर का उपयोग किया जा रहा था। कई नमूने प्रयोगशाला जांच में अवमानक पाए गए। उपभोक्ताओं को असली और नकली डेयरी उत्पादों में अंतर करना मुश्किल हो रहा था।
कब तक लागू रहेगा प्रतिबंध?
यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू रहेगा और तब तक प्रभावी रहेगा जब तक, FSSAI डेयरी एनालॉग उत्पादों के लिए अंतिम गुणवत्ता मानक जारी नहीं कर देता, या एक वर्ष की अवधि पूरी नहीं हो जाती, या खाद्य सुरक्षा आयुक्त इस आदेश में संशोधन या इसे समाप्त नहीं कर देते।
उपभोक्ताओं को क्या फायदा होगा?
सरकार का मानना है कि इस फैसले से, सार्वजनिक स्वास्थ्य की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित होगी। उपभोक्ताओं को असली डेयरी उत्पाद मिलेंगे।नकली और भ्रामक खाद्य उत्पादों पर रोक लगेगी। खाद्य कारोबार में पारदर्शिता बढ़ेगी।


