Smart Meter को लेकर फैली अफवाहों पर फुल स्टॉप…! सरकारी आंकड़ों ने बताई पूरी सच्चाई…रायपुर में बिजली खपत में 31.91% की गिरावट

Smart Meter को लेकर फैली अफवाहों पर फुल स्टॉप…! सरकारी आंकड़ों ने बताई पूरी सच्चाई…रायपुर में बिजली खपत में 31.91% की गिरावट

रायपुर, 02 अगस्त। Smart Meter को लेकर चल रही चर्चाओं और भ्रांतियों के बीच रायपुर सिटी रीजन के आधिकारिक बिजली उपभोग आंकड़ों ने नई तस्वीर पेश की है। जुलाई 2026 में बिजली खपत में 31.91 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। ऊर्जा विभाग का कहना है कि यह बदलाव स्मार्ट मीटर की वजह से नहीं, बल्कि मौसम, ऊर्जा संरक्षण और राज्य सरकार की हाफ बिजली बिल योजना के सकारात्मक प्रभाव का परिणाम है।

रायपुर सिटी रीजन में जुलाई 2026 के बिजली उपभोग के आधिकारिक आंकड़ों ने स्मार्ट मीटर को लेकर फैली कई भ्रांतियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जून 2026 में जहां कुल बिजली खपत 131.27 मिलियन यूनिट (एमयू) थी, वहीं जुलाई में यह घटकर 89.38 मिलियन यूनिट रह गई। यानी केवल एक महीने में 31.91 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।

400 यूनिट से अधिक खपत वाले उपभोक्ता लगभग आधे हुए

आंकड़ों के अनुसार 400 यूनिट से अधिक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या जून में 1,20,615 थी, जो जुलाई में घटकर 60,921 रह गई। यानी इस वर्ग में करीब 50 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई।

वहीं 400 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या 1,96,777 से बढ़कर 2,56,471 हो गई, जो 30.34 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। इससे संकेत मिलता है कि बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने अपनी बिजली खपत को नियंत्रित कर राज्य सरकार की हाफ बिजली बिल योजना का लाभ लेने का प्रयास किया।

उच्च खपत वाले वर्गों में भी गिरावट

  • 600 यूनिट से अधिक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या में 64.23% की कमी।
  • इस श्रेणी की कुल बिजली खपत में 38.13% की गिरावट।
  • 401 से 600 यूनिट श्रेणी में उपभोक्ताओं की संख्या 33.99% और बिजली खपत 32.58% घटी।

मौसम और ऊर्जा संरक्षण का भी असर

विशेषज्ञों के अनुसार गर्मी कम होने, एसी और कूलर के उपयोग में कमी तथा ऊर्जा बचत के प्रति बढ़ती जागरूकता ने भी बिजली खपत घटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

ऊर्जा विभाग का कहना है कि उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों के विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि बिजली उपयोग में आया बदलाव मुख्य रूप से मौसमी परिस्थितियों, ऊर्जा संरक्षण की आदत और हाफ बिजली बिल योजना के प्रभाव का परिणाम है। विभाग का यह भी कहना है कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर स्मार्ट मीटर को लेकर प्रचलित विभिन्न भ्रांतियों की पुष्टि नहीं होती।

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