पश्चिम बंगाल, 08 अगस्त। Chandranath Rath Hatyakand : पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में CBI ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने मामले में 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में दो बीजेपी कार्यकर्ताओं सागर सोनकर और उनके भाई साहिब सोनकर के नाम भी शामिल हैं। दोनों रथ के कार्यालय में काम करते थे।
हत्या की सुपारी देने का आरोप
CBI की जांच के मुताबिक, सागर सोनकर ने कथित तौर पर उत्तर प्रदेश से शूटरों को बुलाकर हत्या की सुपारी दी थी। वहीं उनके भाई साहिब सोनकर पर साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया गया है।
चंद्रनाथ रथ की 6 मई को मध्यमग्राम में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह वारदात पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के दो दिन बाद हुई थी। रथ को शुभेंदु अधिकारी का करीबी सहयोगी और निजी सहायक बताया गया था। वह भबानीपुर सीट पर उनके चुनाव अभियान की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे।
दिसंबर 2025 से रची जा रही थी साजिश?
CBI अधिकारियों के मुताबिक, हत्या की साजिश कथित तौर पर दिसंबर 2025 से रची जा रही थी, लेकिन अलग-अलग कारणों से वारदात की तारीख लगातार टलती रही। जांच में यह भी सामने आया कि सागर सोनकर वर्ष 2020 तक एक विपक्षी पार्टी के विधायक के यहां काम करते थे। इसके बाद उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया था। CBI अब राज्य की एक प्रतिद्वंद्वी पार्टी के एक पदाधिकारी की भूमिका की भी जांच कर रही है।
छह शूटर समेत कई गिरफ्तार
इस मामले में अब तक छह कथित शूटरों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें मोनू सिंह, राज सिंह, गोलू सिंह, मयंक राज मिश्रा, विक्की मौर्या और नवीन कुमार सिंह शामिल हैं। इसके अलावा विनय राय, संजय राय और विकास मिश्रा को भी कथित तौर पर सुपारी से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया है। एक आरोपी के अब भी फरार होने की जानकारी सामने आई है।
किस पर क्या आरोप?
CBI की चार्जशीट के मुताबिक, सागर सोनकर पर हत्या की योजना बनाने और पैसों का इंतजाम करने का आरोप है। उनके भाई साहिब सोनकर पर साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया गया है।
विनय राय को कथित तौर पर सुपारी लेने वाले बिचौलिए के रूप में बताया गया है, जबकि संजय राय पर वारदात की लॉजिस्टिक व्यवस्था संभालने का आरोप है। वहीं विकास मिश्रा को कथित मुख्य साजिशकर्ताओं और बाहर से लाए गए शूटरों के बीच की कड़ी बताया गया है।
CBI ने राज सिंह उर्फ राज कुमार सिंह को मुख्य शूटर बताया है, जिसे राज्य की सीमा पार से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी है।
चुनाव नतीजों के बाद मचा था सियासी हंगामा
चंद्रनाथ रथ हत्याकांड को चुनाव परिणामों के तुरंत बाद हुई बड़ी राजनीतिक वारदात के तौर पर देखा गया था। मामले की जांच पहले पश्चिम बंगाल पुलिस कर रही थी, जिसे राज्य सरकार के अनुरोध के बाद CBI को सौंप दिया गया। हालांकि, चार्जशीट में लगाए गए आरोप जांच एजेंसी के दावे हैं और अदालत में इन आरोपों का परीक्षण होना बाकी है।

