रायपुर, 18 अगस्त। Women Collector List: छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक फेरबदल के साथ जिलों की कमान संभालने वाली महिला अधिकारियों की संख्या भी बढ़ गई है। 18 अगस्त को जारी तबादला आदेश में तीन और जिलों की जिम्मेदारी महिला IAS अधिकारियों को दी गई। इसके साथ ही प्रदेश के 12 जिलों में कलेक्टर पद पर महिला प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी हो गई है। खास बात यह है कि इनमें कई ऐसे जिले शामिल हैं, जहां प्रशासनिक चुनौतियां और भौगोलिक परिस्थितियां काफी अलग हैं। इससे साफ है कि सरकार जिला प्रशासन के महत्वपूर्ण पदों पर महिला अफसरों को जिम्मेदारी देने में लगातार भरोसा जता रही है।

3 जिलों में नई महिला कलेक्टर
18 अगस्त को जारी आदेश के अनुसार जयश्री जैन (IAS 2016) को सक्ती जिले का नया कलेक्टर बनाया गया है। वे इससे पहले संयुक्त सचिव, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के पद पर पदस्थ थीं। वहीं तुलिका प्रजापति (IAS 2016) को मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी से हटाकर कबीरधाम (कवर्धा) का कलेक्टर बनाया गया है। इसके अलावा खेल एवं युवा कल्याण संचालक के रूप में कार्यरत तनुजा सलाम (IAS 2019) को मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है।
इन 12 जिलों में महिला कलेक्टर
- बेमेतरा- प्रतिष्ठा ममगई
- कोंडागांव- नुपूर राशि पन्ना
- नारायणपुर- नम्रता जैन
- सूरजपुर- रैना जमील
- बलरामपुर- चंदन संजय त्रिपाठी
- कवर्धा- तुलिका प्रजापति
- बालोद- दिव्या मिश्रा
- मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर- संतन देवी जांगड़े
- सारंगढ़-बिलाईगढ़- पद्मिनी भोई साहू
- मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी- तनुजा सलाम
- सक्ती- जयश्री जैन
- कोरिया- रोक्तिमा यादव
चुनौतीपूर्ण जिलों में भी महिला अफसरों पर भरोसा
महिला IAS अधिकारियों को केवल शहरी या अपेक्षाकृत आसान जिलों की जिम्मेदारी नहीं दी गई है। नारायणपुर, कोंडागांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, बलरामपुर और MCB जैसे चुनौतीपूर्ण एवं महत्वपूर्ण जिलों में भी महिला अधिकारियों को कलेक्टर की जिम्मेदारी दी गई है।खास बात यह है कि मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में लगातार दूसरी बार महिला कलेक्टर की पदस्थापना हुई है। पहले तुलिका प्रजापति इस जिले की कलेक्टर थीं, अब उनकी जगह तनुजा सलाम को जिम्मेदारी दी गई है।
महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने का संदेश
प्रशासनिक स्तर पर महिला अधिकारियों को जिलों की कमान सौंपना सरकार के महिला नेतृत्व और सशक्तीकरण पर भरोसे को दर्शाता है। जिला कलेक्टर के रूप में कानून-व्यवस्था, विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी योजनाओं और प्रशासनिक व्यवस्था की निगरानी जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां महिला अधिकारियों के हाथों में हैं।

