Critical Minerals: छत्तीसगढ़ में खनिजों का बड़ा दांव! 8वीं नीलामी में प्रदेश के ये 5 ब्लॉक शामिल; खनिज राजस्व 16 हजार करोड़ रुपये के पार

Critical Minerals: छत्तीसगढ़ में खनिजों का बड़ा दांव! 8वीं नीलामी में प्रदेश के ये 5 ब्लॉक शामिल; खनिज राजस्व 16 हजार करोड़ रुपये के पार

रायपुर, 31 अगस्त। Critical Minerals: छत्तीसगढ़ अब सिर्फ पारंपरिक खनिज संपदा तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए अहम क्रिटिकल और स्ट्रेटेजिक मिनरल्स के क्षेत्र में बड़ी पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल खनिजों का उत्खनन करना नहीं, बल्कि अन्वेषण से लेकर प्रसंस्करण, वैल्यू एडिशन, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और रिसाइक्लिंग तक पूरी मिनरल वैल्यू चेन छत्तीसगढ़ में विकसित करना है।

मुख्यमंत्री नवा रायपुर स्थित मेफेयर लेक रिजॉर्ट में भारत सरकार के खान मंत्रालय द्वारा आयोजित क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी की आठवीं किश्त के रोड शो को संबोधित कर रहे थे।

20 ब्लॉक्स में छत्तीसगढ़ के 5 खनिज ब्लॉक

क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल्स की नीलामी की आठवीं किश्त में देश के 7 राज्यों के 20 खनिज ब्लॉक शामिल किए गए हैं। इनमें से 5 ब्लॉक अकेले छत्तीसगढ़ में हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निवेशकों से नीलामी प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि यह सिर्फ खनिज ब्लॉक हासिल करने का अवसर नहीं है, बल्कि नए उद्योगों, तकनीकी नवाचार और रोजगार सृजन के माध्यम से प्रदेश और देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने का मौका है।

कटघोरा में लिथियम, बलरामपुर में ग्रेफाइट की संभावनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख खनिज संपन्न राज्यों में शामिल है और अब क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में भी नई पहचान बनाने की ओर बढ़ रहा है। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण खनिजों की संभावनाएं बताई गई हैं-

  • कटघोरा और बस्तर में लिथियम एवं दुर्लभ मृदा तत्व
  • बलरामपुर में ग्रेफाइट, वैनेडियम एवं गैलियम
  • बालोद में फास्फोराइट
  • महासमुंद में निकेल, क्रोमियम और ग्लाकोनाइट

इन खनिजों का उपयोग भविष्य की कई आधुनिक तकनीकों और उद्योगों में महत्वपूर्ण माना जाता है।

रक्षा से AI तक क्रिटिकल मिनरल्स की बढ़ती जरूरत

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आने वाले समय में क्रिटिकल और स्ट्रेटेजिक मिनरल्स देश की आर्थिक प्रगति, तकनीकी आत्मनिर्भरता और सामरिक सुरक्षा के प्रमुख आधार बनेंगे। उन्होंने कहा कि इन खनिजों की जरूरत, रक्षा उद्योग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, बैटरी, क्लीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, डिजिटल टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रही है। लिथियम, ग्रेफाइट, रेयर अर्थ एलिमेंट्स, वैनेडियम, निकेल और क्रोमियम जैसे खनिज भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए अहम माने जा रहे हैं।

सिर्फ खनन नहीं, पूरी वैल्यू चेन पर फोकस

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की योजना सिर्फ खनिज निकालकर उन्हें प्रदेश से बाहर भेजने तक सीमित नहीं है। सरकार चाहती है कि, खनिजों का अन्वेषण- उत्खनन- प्रसंस्करण- वैल्यू एडिशन- एडवांस मैन्युफैक्चरिंग- रिसाइक्लिंग की पूरी श्रृंखला छत्तीसगढ़ में विकसित हो। इससे निवेश बढ़ने, नए उद्योग स्थापित होने और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

नवा रायपुर में AI डेटा सेंटर पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स क्लस्टर भी तैयार

मुख्यमंत्री ने बताया कि नवा रायपुर में AI आधारित डेटा सेंटर पार्क और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। वहीं, राजनांदगांव में भी इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्लस्टर की दिशा में काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे आधुनिक उद्योगों में क्रिटिकल मिनरल्स की आवश्यकता होगी और प्रदेश में इन खनिजों की उपलब्धता छत्तीसगढ़ को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त दे सकती है।

खनिज राजस्व 16 हजार करोड़ रुपये के पार

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य निर्माण के समय छत्तीसगढ़ का खनिज राजस्व करीब 400 करोड़ रुपये था। ढाई वर्ष पहले यह करीब 12 हजार करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। खनिज विभाग के अनुसार पिछले वित्तीय वर्ष में प्रदेश को करीब 16 हजार 700 करोड़ रुपये का खनिज राजस्व प्राप्त हुआ और इसमें वर्ष-दर-वर्ष लगभग 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

ढाई वर्षों में 40 एक्सप्लोरेशन प्रोजेक्ट

खनिज विभाग के अनुसार पिछले ढाई वर्षों में राज्य में 40 एक्सप्लोरेशन प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं और 2,800 किलोमीटर से अधिक जियोलॉजिकल सर्वे पूरा किया गया है। प्रदेश में अब तक 65 खनिज ब्लॉक्स की नीलामी की जा चुकी है, जिनसे लगभग 4 लाख करोड़ रुपये के संभावित राजस्व की उम्मीद जताई गई है।

CM साय ने लॉन्च किया ई-रेत संगवारी पोर्टल

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ई-रेत संगवारी पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पोर्टल के जरिए प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को रियायती दर पर रेत उपलब्ध कराने की व्यवस्था को अधिक सुगम और पारदर्शी बनाने का प्रयास किया जाएगा।

दंतेवाड़ा के आदिवासी परिवारों के लिए टिन पोर्टल

मुख्यमंत्री ने टिन पोर्टल का भी शुभारंभ किया। इसका उद्देश्य दंतेवाड़ा क्षेत्र में टिन से जुड़े आदिवासी समुदायों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना और पूरी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना है।

CMDC के दो महत्वपूर्ण MoU

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम (CMDC) ने दो महत्वपूर्ण समझौते किए। CMDC और इंडियन ओवरसीज बैंक के बीच वित्तीय सहयोग को लेकर एमओयू किया गया। वहीं, कोरन्डम कटिंग एवं पॉलिशिंग के प्रशिक्षण के लिए CMDC और पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के बीच भी समझौता हुआ। इन समझौतों से कौशल विकास, वित्तीय सहयोग, मूल्य संवर्धन और निवेश की संभावनाओं को गति मिलने की उम्मीद है।

देश में 56 क्रिटिकल मिनरल ब्लॉक्स की हो चुकी है नीलामी

केंद्रीय खान मंत्रालय के सचिव केशव चंद्र ने बताया कि अब तक देश में 88 क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है, जिनमें से 56 ब्लॉक्स की सफलतापूर्वक नीलामी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि भारत के पहले लिथियम युक्त खनिज ब्लॉक की नीलामी भी छत्तीसगढ़ के कटघोरा लिथियम एवं रेयर अर्थ एलिमेंट ब्लॉक से हुई थी।

निवेशकों को दिया बड़ा संदेश

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उद्योग जगत और निवेशकों से छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में भागीदार बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पास खनिज संपदा, ऊर्जा, भूमि, कनेक्टिविटी और औद्योगिक अधोसंरचना की उपलब्धता है। सरकार निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार कर रही है और भविष्य की अर्थव्यवस्था से जुड़े उद्योगों को छत्तीसगढ़ की ओर आकर्षित करने पर जोर दे रही है।

मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में निवेश, तकनीकी सहयोग और नई साझेदारियां छत्तीसगढ़ को देश की मिनरल वैल्यू चेन के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

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