Urban Local Body Elections: छत्तीसगढ़ निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा एक्शन, पर्यवेक्षक-सह पर्यवेक्षक नियुक्त; देखें पूरी लिस्ट

Urban Local Body Elections: छत्तीसगढ़ निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा एक्शन, पर्यवेक्षक-सह पर्यवेक्षक नियुक्त; देखें पूरी लिस्ट

रायपुर, 08 सितंबर। Urban Local Body Elections: छत्तीसगढ़ में आगामी नगरीय निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। चुनावी तैयारियों को गति देने के लिए कांग्रेस ने नगर निगम से लेकर नगर पंचायत तक पर्यवेक्षक और सह-पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है।

प्रदेश कांग्रेस ने नियुक्त पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने-अपने प्रभार क्षेत्र में पहुंचकर चुनावी तैयारियों में जुटने के निर्देश दिए हैं। पर्यवेक्षकों की जिम्मेदारी स्थानीय कांग्रेस संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बनाने के साथ चुनावी रणनीति को जमीन पर मजबूत करने की होगी।

नगर निगमों में किसे मिली जिम्मेदारी?

कांग्रेस ने अलग-अलग नगर निगम क्षेत्रों के लिए पर्यवेक्षक और सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं।

  • बीरगांव: पर्यवेक्षक – डॉ. शिवकुमार डहरिया; सह-पर्यवेक्षक – मोतीलाल देवांगन और लेखराम साहू।
  • भिलाई: पर्यवेक्षक – धनेंद्र साहू; सह-पर्यवेक्षक – दीपक दुबे।
  • रिसाली: पर्यवेक्षक – मोहन मरकाम; सह-पर्यवेक्षक – कन्हैया अग्रवाल।
  • भिलाई चरोदा: पर्यवेक्षक – विकास उपाध्याय; सह-पर्यवेक्षक – राजेन्द्र साहू।

नगर पालिकाओं में इन्हें मिली जिम्मेदारी

नगर पालिका क्षेत्रों के लिए भी कांग्रेस ने पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं।

  • बैकुंठपुर: राजेन्द्र सिंह
  • शिवपुर चरचा: प्रशांत मिश्रा
  • सारंगढ़: चातुरी नंद
  • जामुल: प्रमोद दुबे
  • खैरागढ़: छन्नी साहू

नगर पंचायतों में भी पर्यवेक्षक नियुक्त

नगर पंचायत स्तर पर भी कांग्रेस ने नेताओं को चुनावी जिम्मेदारी सौंपी है।

  • प्रेमनगर: भानुप्रताप सिंह
  • मारो: सुनील महेश्वरी
  • नरहरपुर: आनंद पवार
  • कोंटा: अवधेश गौतम
  • भैरमगढ़: रेखचंद जैन
  • भोपालपटनम: सततार अली

तत्काल प्रभार क्षेत्र में पहुंचने के निर्देश

कांग्रेस ने सभी नियुक्त पर्यवेक्षकों और सह-पर्यवेक्षकों को तत्काल प्रभाव से अपने-अपने प्रभार क्षेत्र में पहुंचने के निर्देश दिए हैं। उन्हें स्थानीय कांग्रेस संगठन और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बनाते हुए चुनावी तैयारियों को गति देने, संगठन को मजबूत करने और पार्टी प्रत्याशियों की जीत के लिए आवश्यक रणनीति पर काम करने की जिम्मेदारी दी गई है। निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस की ओर से की गई इन नियुक्तियों को पार्टी की जमीनी चुनावी तैयारियों को मजबूत करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।

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