Maharashtra Child Marriage Rules: शादी के कार्ड पर लिखनी होगी दूल्हा-दुल्हन की जन्मतिथि! बाल विवाह रोकने सरकार का बड़ा प्लान

Maharashtra Child Marriage Rules: शादी के कार्ड पर लिखनी होगी दूल्हा-दुल्हन की जन्मतिथि! बाल विवाह रोकने सरकार का बड़ा प्लान

मुंबई, 11 सितंबर। Maharashtra Child Marriage Rules: महाराष्ट्र में बाल विवाह जैसी अवैध प्रथा पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार एक अनोखा नियम लागू करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। प्रस्ताव के तहत शादी के निमंत्रण पत्र पर दूल्हे और दुल्हन दोनों की जन्मतिथि लिखना अनिवार्य किया जा सकता है। इसके साथ ही बाल विवाह में जानबूझकर मदद करने वाले लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

शादी के कार्ड पर जन्मतिथि लिखने का प्रस्ताव

महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने विधानसभा में बीजेपी विधायक अतुल भातखलकर के सवाल के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार बाल विवाह रोकने के लिए शादी के निमंत्रण पत्रों पर दूल्हा-दुल्हन की जन्मतिथि दर्ज करने की व्यवस्था लागू करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। सरकार का लक्ष्य अगले पांच साल में बाल विवाह की घटनाओं को 10 प्रतिशत से नीचे लाना है।

राजस्थान के मॉडल का होगा अध्ययन

महाराष्ट्र सरकार ने राजस्थान सरकार को पत्र लिखकर वहां शादी के निमंत्रण पत्रों पर दूल्हा-दुल्हन की जन्मतिथि लिखने की प्रक्रिया की जानकारी मांगी है। मंत्री के मुताबिक, महाराष्ट्र में भी ऐसी व्यवस्था लागू करने की संभावना का अध्ययन किया जा रहा है। इसके लिए ग्रामीण विकास तथा कानून एवं न्याय विभाग के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा।

महाराष्ट्र में बाल विवाह के आंकड़ों में गिरावट

अदिति तटकरे ने बताया कि राज्य में बाल विवाह की दर में लगातार गिरावट आई है। 2019-21 के सर्वे में यह आंकड़ा 21.9 प्रतिशत था, जो 2023-24 में घटकर 19.6 प्रतिशत रह गया। यह राष्ट्रीय औसत करीब 20.1 प्रतिशत से भी कम है।

2025-26 में अब तक 1,434 बाल विवाह रोके

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025-26 में अब तक 1,434 बाल विवाह रुकवाए गए हैं और 136 FIR दर्ज की गई हैं। वहीं, 2024-25 में 1,495, 2023-24 में 1,253 और 2022-23 में 930 बाल विवाह रोके गए थे। 2023-24 में 108 और 2022-23 में 81 FIR दर्ज की गई थीं। सरकार का कहना है कि बाल विवाह रोकने के मामलों की बढ़ती संख्या को अपराध बढ़ने के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। यह बेहतर पहचान, रिपोर्टिंग और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई को दर्शाती है।

पंडित और संगीतकार भी कार्रवाई के दायरे में

सरकार ने बाल विवाह में सहयोग करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई का दायरा बढ़ा दिया है। अब केवल परिवार के सदस्यों पर ही कार्रवाई नहीं होगी, बल्कि जानबूझकर बाल विवाह को बढ़ावा देने वाले पंडित-पुजारी, संगीतकार और अन्य सहयोगियों के खिलाफ भी FIR और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गांव से जिले तक निगरानी तंत्र मजबूत

बाल विवाह रोकने के लिए जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में जिला एक्शन फोर्स, ग्राम संरक्षण समितियां और तालुका एवं ग्राम पंचायत स्तर की समितियां सक्रिय हैं। सरकार इन समितियों को वित्तीय और प्रशासनिक रूप से और मजबूत करने की तैयारी में है।

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