रायपुर, 20 अक्टूबर 2026। Ustad Bismillah Khan Yuva Puraskar 2025 : छत्तीसगढ़ के रंगमंच और कला जगत के लिए गौरवपूर्ण खबर सामने आई है। प्रदेश के दो प्रतिभाशाली रंगकर्मियों डॉ. आनंद कुमार पांडेय और घनश्याम साहू को प्रतिष्ठित उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार-2025 से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली में 19 अक्टूबर को संगीत नाटक अकादमी की ओर से आयोजित समारोह में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने दोनों कलाकारों को यह सम्मान प्रदान किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दोनों रंगकर्मियों को बधाई देते हुए इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान के लिए महत्वपूर्ण बताया।
अभिनय, निर्देशन और नाटक लेखन में योगदान को मिली पहचान
डॉ. आनंद कुमार पांडेय लंबे समय से रंगमंच के क्षेत्र में अभिनय, निर्देशन और लेखन से जुड़े हुए हैं। वहीं घनश्याम साहू को नाटक लेखन के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया है। डॉ. पांडेय ने पुरस्कार मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि वे प्रदेश में उभरते कलाकारों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहे हैं। उनका प्रयास रंगमंच की विभिन्न विधाओं में निरंतर योगदान देने का है।
देशभर के 106 कलाकारों का हुआ चयन
संगीत नाटक अकादमी ने वर्ष 2024 और 2025 के उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार के लिए देशभर के कुल 106 कलाकारों का चयन किया था। इनमें संगीत, नृत्य, रंगमंच, लोक कला और अन्य प्रदर्शन कलाओं से जुड़े कलाकार शामिल हैं।
समारोह में राजस्थान के अकरम खान बहरूपिया को लोक नृत्य, बिहार की मनीषा श्रीवास्तव को लोक संगीत और नागालैंड के हितो किहो को गायन के क्षेत्र में सम्मानित किया गया। सुभाषश्री स्वैन को छऊ नृत्य तथा छत्तीसगढ़ के घनश्याम साहू को नाटक लेखन में योगदान के लिए पुरस्कार मिला।
पुरस्कार में मिलते हैं 25 हजार रुपये और ताम्रपत्र
संगीत नाटक अकादमी ने वर्ष 2006 में उस्ताद बिस्मिल्लाह खां युवा पुरस्कार की शुरुआत की थी। इस सम्मान का उद्देश्य 40 वर्ष तक की आयु के प्रतिभाशाली कलाकारों को प्रोत्साहित करना है। पुरस्कार प्राप्त करने वाले कलाकारों को 25 हजार रुपये की नकद राशि, ताम्रपत्र और अंगवस्त्रम प्रदान किया जाता है।
वर्ष 2024 और 2025 के पुरस्कारों के लिए कलाकारों का चयन अकादमी की जनरल काउंसिल की मार्च 2026 में आयोजित बैठक में किया गया था।
विकसित भारत के निर्माण में संस्कृति का योगदान महत्वपूर्ण: शेखावत
समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य केवल आधुनिक सड़कें, भवन और बुनियादी ढांचा तैयार करने तक सीमित नहीं है। देश की समृद्ध कला, संस्कृति और विरासत का संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि भारतीय कलाकारों ने अनेक चुनौतियों के बावजूद पीढ़ियों से सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखा है। देश की सांस्कृतिक विरासत भारत की पहचान का महत्वपूर्ण आधार है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी बधाई
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर दोनों कलाकारों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि डॉ. आनंद कुमार पांडेय और घनश्याम साहू की उपलब्धि छत्तीसगढ़ के कला जगत के लिए गौरव का विषय है।
दोनों कलाकारों को मिले इस राष्ट्रीय सम्मान से प्रदेश की रंगमंचीय परंपरा को नई पहचान मिली है। साथ ही, यह उपलब्धि अभिनय, निर्देशन और नाटक लेखन के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे युवा कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती है।

