सुपौल/बिहार, 21 अक्टूबर। Navaratri Festival: बिहार के सुपौल जिले से एक दुखद घटना सामने आई है। यहां नवरात्रि के दौरान नौ दिनों तक छाती पर कलश रखकर मां दुर्गा की आराधना करने वाली 35 वर्षीय महिला सचिता देवी की मौत हो गई। अनुष्ठान पूरा होने के बाद वह मंगलवार को घर लौटी थीं। उसी रात उनके सीने में तेज दर्द उठा। बुधवार सुबह परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है।
सुपौल में कहां हुई घटना?
यह मामला सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज बाजार का है। मृतका की पहचान नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड नंबर 4 निवासी वीरेंद्र यादव की पत्नी सचिता देवी के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, सचिता ने नवरात्रि के पहले दिन से ही बड़ी दुर्गा मंदिर परिसर में छाती पर कलश रखकर पूजा-अर्चना शुरू की थी। मंगलवार को अनुष्ठान पूरा होने के बाद वह घर लौट आई थीं।
रात में सीने में उठा तेज दर्द
परिजनों के अनुसार, मंगलवार रात सचिता देवी के सीने में अचानक तेज दर्द हुआ। कुछ समय बाद उन्हें राहत मिली, लेकिन बुधवार सुबह फिर सीने में दर्द की शिकायत हुई। इसके बाद परिवार के लोग उन्हें त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सक डॉ. उमेश कुमार मंडल ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
दो दिन बाद ही बिगड़ने लगी थी तबीयत
परिजनों ने बताया कि अनुष्ठान शुरू होने के दो दिन बाद ही सचिता की हृदय गति और नाड़ी की दर में गिरावट देखी गई थी। चिकित्सक ने उन्हें व्रत तोड़ने की सलाह दी थी, लेकिन उन्होंने अपनी साधना जारी रखी।
क्या हो सकती है मौत की वजह?
चिकित्सक के मुताबिक, शरीर में पानी की कमी और हृदय संबंधी परेशानी मौत की संभावित वजह हो सकती है। हालांकि, मौत का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है। इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और संबंधित चिकित्सकीय जांच के बाद ही हो सकेगी। नवरात्रि की कठिन साधना पूरी करने के बाद सचिता देवी की अचानक मौत से स्थानीय क्षेत्र में शोक का माहौल है। घटना ने परिवार और आसपास के लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

