मेरठ, 24 अक्टूबर। Meerut Blue Drum Murder Case: देशभर में चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में नया मोड़ आया है। मर्चेंट नेवी कर्मी सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में मौत की सजा पाने वाले मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला ने मेरठ जिला अदालत के फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी है। दोनों ने अपनी दोषसिद्धि और फांसी की सजा रद्द करने की मांग करते हुए अपील दाखिल की है।
मेरठ की जिला अदालत ने 30 सितंबर 2026 को मुस्कान और साहिल को हत्या तथा सबूत मिटाने के मामले में दोषी ठहराया था। इसके बाद 14 अक्टूबर को दोनों को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई। अब हाईकोर्ट में दाखिल अपील पर आगे की कानूनी प्रक्रिया होगी। दोनों की सजा पर हाईकोर्ट का अंतिम फैसला अभी आना बाकी है।
13 महीने चली सुनवाई, 22 गवाह हुए पेश
इस चर्चित मामले की सुनवाई करीब 13 महीने तक चली। ट्रायल के दौरान अदालत में 126 सुनवाई हुईं और अभियोजन पक्ष ने 22 गवाह पेश किए। गवाहों में ड्रम, चाकू और अन्य सामान की खरीद से जुड़े लोग, होटल मैनेजर और कैब ड्राइवर भी शामिल थे।
क्या है नीले ड्रम हत्याकांड?
यह मामला मार्च 2025 में मर्चेंट नेवी कर्मी सौरभ राजपूत की हत्या से जुड़ा है। जांच के दौरान उनका शव मेरठ स्थित घर में सीमेंट से भरे नीले ड्रम में छिपाया हुआ मिला था। मामले में सौरभ की पत्नी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को आरोपी बनाया गया था। सुनवाई के बाद जिला अदालत ने दोनों को दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई।
अब हाईकोर्ट में क्या होगा?
अब इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील पर सुनवाई होगी। अदालत निचली अदालत के फैसले और अपील में उठाए गए कानूनी आधारों पर विचार करेगी। हाईकोर्ट का फैसला आने तक जिला अदालत द्वारा सुनाई गई मौत की सजा को हाईकोर्ट की पुष्टि की कानूनी प्रक्रिया से भी गुजरना होगा। फिलहाल, मुस्कान और साहिल की अपील पर हाईकोर्ट का अंतिम निर्णय आना बाकी है।

