MANAS Helpline 1933 : छत्तीसगढ़ में नशे के कारोबार पर बड़ा एक्शन, तस्करों की संपत्ति होगी कुर्क, 31 दिसंबर तक पुराने जब्त मादक पदार्थ होंगे नष्ट

MANAS Helpline 1933 : छत्तीसगढ़ में नशे के कारोबार पर बड़ा एक्शन, तस्करों की संपत्ति होगी कुर्क, 31 दिसंबर तक पुराने जब्त मादक पदार्थ होंगे नष्ट

रायपुर, 28 अक्टूबर 2026। MANAS Helpline 1933 : छत्तीसगढ़ में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई तेज की जाएगी। उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कार्रवाई केवल छोटे विक्रेताओं तक सीमित न रहे, बल्कि मादक पदार्थों के उत्पादन, परिवहन, सप्लाई और बिक्री से जुड़े पूरे नेटवर्क की पहचान कर उसे ध्वस्त किया जाए। अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर नियमानुसार कुर्की और जब्ती की कार्रवाई भी की जाएगी।

बड़े तस्करों और पूरे सप्लाई नेटवर्क की होगी जांच

नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री ने एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों, मादक पदार्थों की जब्ती, तस्करों पर कार्रवाई और लंबित प्रकरणों की जिलावार समीक्षा की। उन्होंने गांजा सहित अन्य मादक पदार्थों के स्रोत, परिवहन मार्ग, आपूर्तिकर्ताओं, स्थानीय विक्रेताओं और बड़े तस्करों की पहचान करने के निर्देश दिए। साथ ही वित्तीय सहयोगियों और संगठित गिरोहों पर भी कार्रवाई करने को कहा।

नशे से कमाई गई संपत्ति और वाहनों पर कार्रवाई

विजय शर्मा ने नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर नियमानुसार कुर्की एवं जब्ती की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए। अवैध कमाई के वित्तीय लेन-देन की जांच के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट और वित्तीय एवं कानूनी विशेषज्ञों को शामिल करते हुए विशेष समिति गठित करने को कहा गया है।

मादक पदार्थों की तस्करी में इस्तेमाल किए गए वाहनों के राजसातीकरण और नीलामी की प्रक्रिया भी तेज की जाएगी। अगले तीन महीनों में अधिक से अधिक पात्र मामलों में कार्रवाई पूरी करने और पुलिस पर हमला करने वाले आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाने के निर्देश दिए गए।

मेडिकल स्टोरों और नशीली दवाओं की बिक्री पर नजर

उप मुख्यमंत्री ने सूखे नशे और नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा। इसके तहत ड्रग इंस्पेक्टरों के समन्वय से मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच होगी। स्कूल-कॉलेजों और युवाओं की आवाजाही वाले क्षेत्रों में प्रतिबंधित दवाओं, नशीले कैप्सूल, सिरिंज और नीडल की अवैध बिक्री पर निगरानी बढ़ाई जाएगी। नशे के कारोबार और सेवन की शिकायतों वाले संवेदनशील स्थानों को चिह्नित कर नियमित निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए।

31 दिसंबर तक पुराने जब्त मादक पदार्थों को नष्ट करने का लक्ष्य

समीक्षा बैठक में निर्देश दिए गए कि 31 दिसंबर 2026 तक छह महीने से अधिक पुराने, यानी 30 जून 2026 तक जब्त किए गए उन मादक पदार्थों का विधिसम्मत नष्टीकरण पूरा किया जाए, जिनके निस्तारण की कानूनी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसके लिए आवश्यक न्यायालयीन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी लाने को कहा गया।

एनडीपीएस मामलों में गुणवत्तापूर्ण जांच, साक्ष्यों और दस्तावेजों की पूर्णता तथा प्रभावी अभियोजन पर भी जोर दिया गया, ताकि मामलों का शीघ्र निराकरण हो सके।

हेल्पलाइन 1933 का प्रचार कर लोगों को जोड़ने की अपील

उप मुख्यमंत्री ने नशे के खिलाफ जनभागीदारी बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय मादक पदार्थ निषेध हेल्पलाइन ‘मानस’ के टोल फ्री नंबर 1933 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस, प्रशासन और समाज के समन्वय से नशे के विरुद्ध अभियान को जनआंदोलन बनाया जाए। स्कूलों, कॉलेजों और युवाओं को भी जागरूकता अभियान से जोड़ने पर जोर दिया गया।

बैठक में सचिव नेहा चंपावत, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (गुप्तवार्ता) अमित कुमार, पुलिस महानिरीक्षक अंकित गर्ग सहित विभिन्न जिलों के संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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