रायपुर, 1 नवंबर 2026। Diwali 2026 : दीपावली के अवसर पर स्थानीय कारीगरों और छोटे व्यापारियों को प्रोत्साहित करने के लिए राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने राजधानी रायपुर के पंडरी बाजार में स्थानीय विक्रेताओं से मिट्टी के दीये खरीदे। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को ‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश देते हुए दीपावली पर स्थानीय बाजारों से खरीदारी करने की अपील की।
स्थानीय कारीगरों की मेहनत को सम्मान देने की अपील
मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि दीपावली पर स्थानीय कुम्हारों, कारीगरों और छोटे व्यापारियों के उत्पाद खरीदकर उनकी आजीविका को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पाद खरीदना केवल सामान खरीदना नहीं, बल्कि उसके पीछे जुड़ी मेहनत, हुनर और परिवार की उम्मीदों का सम्मान करना भी है।
मिट्टी के दीये भारतीय संस्कृति के प्रतीक
मंत्री ने कहा कि मिट्टी के दीये भारतीय संस्कृति, परंपरा और प्रकृति से जुड़ाव के प्रतीक हैं। दीपावली पर इनका उपयोग पारंपरिक कुम्हार व्यवसाय को प्रोत्साहित करने के साथ हमारी सांस्कृतिक विरासत को भी जीवंत बनाए रखता है। स्थानीय शिल्पकारों के हाथों से तैयार वस्तुओं में छत्तीसगढ़ की लोककला और मिट्टी की खुशबू समाहित है।
आत्मनिर्भर भारत के संकल्प से जुड़ने का आह्वान
वर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि इसे साकार करने में प्रत्येक नागरिक की महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और ग्रामीण आजीविका को प्रोत्साहित करने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने युवाओं और परिवारों से मिट्टी के दीये, पूजा सामग्री, सजावटी वस्तुएं और हस्तशिल्प उत्पाद स्थानीय बाजारों से खरीदने का आग्रह किया।
कुम्हारों के घर भी पहुंचे खुशियों का उजाला
प्रदेशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए मंत्री ने कहा कि त्योहार पर ऐसा संकल्प लेना चाहिए, जिससे अपने घर के साथ मेहनतकश परिवारों के जीवन में भी खुशियों का उजाला पहुंचे। उन्होंने कहा कि दीपावली पर जलने वाला हर मिट्टी का दीया केवल घर को रोशन न करे, बल्कि उसे बनाने वाले कुम्हार के घर में भी समृद्धि और खुशहाली लेकर आए। यही ‘वोकल फॉर लोकल’ की सच्ची भावना है।

