जगदलपुर, 7 नवंबर 2026। Bastar Chamber of Commerce : छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में दीपा सागर की मौत का मामला लगातार चर्चा में है। 1 नवंबर को बाफना लाइफस्टाइल कपड़ा दुकान की छत पर उसका शव मिलने के बाद कई सवाल उठ रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हैंगिंग यानी फांसी बताया गया है। घटनास्थल से मिला सुसाइड नोट भी पुलिस जांच का हिस्सा है। वहीं, अब मोबाइल फोन में व्हाट्सऐप चैट और कॉल डिटेल उपलब्ध नहीं होने को लेकर परिजनों ने सवाल उठाए हैं। इस बीच बस्तर चेंबर ऑफ कॉमर्स ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और बाफना परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
शाम की आखिरी बातचीत से अगले दिन शव मिलने तक की कहानी
परिजनों के मुताबिक, दीपा 1 नवंबर को रोजाना की तरह बाफना लाइफस्टाइल दुकान में काम करने गई थी। शाम करीब 6 से 6:30 बजे के बीच वह दुकान से कहीं चली गई। इसके बाद परिवार का उससे संपर्क नहीं हो पाया।
परिवार का कहना है कि शाम 5 बजकर 38 मिनट पर दीपा के भाई ने उसके मोबाइल पर फोन किया था। दोनों के बीच करीब 2 मिनट 38 सेकंड बातचीत हुई। इसके बाद रात 8 बजकर 47 मिनट पर जब भाई ने दोबारा उसी नंबर पर कॉल किया, तो फोन किसी कर्मचारी ने उठाया। कर्मचारी ने बताया कि दीपा कहीं चली गई है। अगले दिन यानी 2 नवंबर को दुकान की छत पर उसका शव बरामद हुआ।

मोबाइल में व्हाट्सऐप चैट और कॉल डिटेल को लेकर सवाल
इस मामले में परिजनों ने दीपा के मोबाइल फोन को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि मोबाइल में 29 अक्टूबर के बाद की व्हाट्सऐप चैट मौजूद नहीं है। वहीं, 1 नवंबर की कुछ महत्वपूर्ण कॉल डिटेल भी उपलब्ध नहीं हैं।
परिवार जानना चाहता है कि मोबाइल से यह जानकारी क्यों गायब है और इसके पीछे तकनीकी कारण है या किसी तरह की छेड़छाड़ हुई है। हालांकि, फिलहाल ये परिजनों की आशंकाएं और आरोप हैं, जिनकी पुष्टि होना बाकी है। पुलिस ने मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और उसकी फॉरेंसिक जांच के साथ कॉल डिटेल रिकॉर्ड का विश्लेषण कराया जा रहा है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सुसाइड नोट जांच के अहम आधार
मेडिकल कॉलेज डिमरापाल में किए गए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में डॉक्टरों ने मौत का कारण हैंगिंग बताया है। रिपोर्ट में शरीर पर किसी तरह की आंतरिक चोट नहीं मिलने और गले पर लिगेचर मार्क होने का उल्लेख किया गया है।
इसके अलावा, पोस्टमार्टम के दौरान दीपा की जेब से एक सुसाइड नोट भी मिला। पुलिस के अनुसार, नोट में लिखा है, “मैं अपने होशो-हवास में अपनी जान ले रही हूं, इसके लिए मेरे घर वालों और दोस्तों को परेशान ना करें।”
पुलिस ने नोट जब्त कर लिया है। अब उसकी लिखावट और उसमें दर्ज बातों का परीक्षण व सत्यापन कराया जा रहा है। नोट की प्रामाणिकता और उससे जुड़े तथ्यों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
CCTV फुटेज में अकेले छत की ओर जाती दिखी दीपा
पुलिस और एफएसएल की टीम ने परिजनों की मौजूदगी में घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पूरे घटनास्थल की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी कराई गई। पुलिस के मुताबिक, दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज में दीपा अकेले छत की ओर जाती दिखाई दे रही है। पुलिस ने फिलहाल फुटेज में कोई संदिग्ध घटनाक्रम सामने नहीं आने की बात कही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए CSP अंशिका जैन IPS के नेतृत्व में पांच सदस्यीय विशेष जांच टीम गठित की गई है। इसमें कोतवाली थाना प्रभारी लीलाधर राठौर, साइबर प्रभारी सागर पाठक, एसआई रानी सोनी, एएसआई सतीश यादव और महिला प्रधान आरक्षक उमा भगत शामिल हैं। टीम दुकान और बिल्डिंग में काम करने वाले कर्मचारियों सहित अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज कर रही है।
बस्तर चेंबर ने निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग उठाई
बाफना परिवार से मिले पत्र के बाद बस्तर चेंबर ऑफ कॉमर्स ने आईजी, कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और बाफना परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
चेंबर अध्यक्ष श्याम सोमानी के मुताबिक, घटना के बाद बाफना परिवार ने संवेदना व्यक्त करते हुए तीन दिनों तक दुकान बंद रखी थी। उनका दावा है कि अब तक की पुलिस जांच में बाफना परिवार या दुकान के कर्मचारियों की भूमिका सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि किसी को केवल आरोपों के आधार पर दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए और हत्या का आरोप लगाने मात्र से हत्या साबित नहीं होती। इसके लिए ठोस साक्ष्य जरूरी हैं।

चेंबर ने सोशल मीडिया पर कथित भ्रामक नैरेटिव फैलाने, बाफना परिवार की छवि खराब करने और मामले को राजनीतिक रंग देने से जुड़े आरोपों की भी जांच के दायरे में शामिल करने की मांग की है। संगठन ने जांच पूरी होने से पहले किसी को दोषी ठहराने से बचने की अपील की है।
चेंबर अध्यक्ष ने यह भी कहा कि घटना के बाद दुकान बंद रहने से त्योहार के समय व्यापार प्रभावित हुआ और दूसरे व्यापारियों में भी चिंता बढ़ी है। संगठन ने प्रशासन से सभी पक्षों की बात सुनकर समाधान निकालने की अपील की है। ज्ञापन सौंपने के दौरान अध्यक्ष श्याम सोमानी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष विमल बोथरा, महामंत्री नवरत्न जालान सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
फिलहाल दीपा सागर की मौत के मामले में मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच, कॉल डिटेल, सुसाइड नोट और सीसीटीवी फुटेज जैसे पहलुओं पर जांच जारी है। मामले से जुड़े आरोपों और आशंकाओं की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

