पश्चिम मेदिनीपुर, 08 नवंबर। Kali Puja pandal Fire: पश्चिम बंगाल में दीपावली और काली पूजा की तैयारियों के बीच एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। पूर्व मेदिनीपुर जिले के पांशकुड़ा थाना क्षेत्र के यशोड़ा गांव में शनिवार शाम एक भव्य काली पूजा पंडाल में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरा पंडाल जलकर राख हो गया। इस अग्निकांड में लाखों रुपये का नुकसान होने की आशंका है। घटना का वीडियो भी सामने आया है। राहत की बात यह है कि हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
उद्घाटन से पहले पंडाल में लगी भीषण आग
जानकारी के मुताबिक, यशोड़ा कालीबाजार व्यवसायी समिति और ग्रामवासियों की ओर से काली पूजा के लिए बड़े बजट का भव्य पंडाल तैयार कराया गया था। शनिवार शाम करीब 5 बजे अचानक पंडाल में आग लग गई। शुरुआती जानकारी में बिजली के शॉर्ट सर्किट को आग लगने की संभावित वजह बताया जा रहा है। आग लगते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते आग ने पूरे पंडाल को अपनी चपेट में ले लिया और भव्य सजावट, निर्माण सामग्री सहित पूजा से जुड़ा साजो-सामान जलकर खाक हो गया।
दमकल की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम और पांशकुड़ा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक पंडाल पूरी तरह जल चुका था।
पूजा आयोजकों और ग्रामीणों में निराशा
जिस काली पूजा के भव्य पंडाल को तैयार करने में आयोजकों और ग्रामीणों ने लंबे समय तक कड़ी मेहनत की और लाखों रुपये खर्च किए, वह पूजा से ठीक एक दिन पहले हुए भीषण अग्निकांड में जलकर राख हो गया। इस घटना से पूजा आयोजकों और स्थानीय ग्रामीणों को बड़ा झटका लगा है। बताया गया है कि, भव्य पंडाल में पूजा की तैयारियां अंतिम चरण में थीं। फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई गई है।
दो दिन पहले कालिम्पोंग के जंगल में भी लगी थी आग
पश्चिम बंगाल में इस घटना से दो दिन पहले कालिम्पोंग के चालता फॉरेस्ट में भी भीषण आग लगने की घटना सामने आई थी। आग की चपेट में आने से जंगल के कई छोटे-बड़े पेड़ जल गए थे। लगातार सामने आ रही आग की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है।

