जौनपुर, 23 जनवरी। Disabled Certificate : जौनपुर के लाइन बाजार थाना क्षेत्र में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जहां एक युवक सूरज भास्कर ने खुद को दिव्यांग बनाने के लिए अपनी ही पैर का पंजा काट लिया। सूरज, जो NEET 2026 की परीक्षा की तैयारी कर रहा था, ने पुलिस को गुमराह करने के लिए एक झूठी कहानी बनाई, जिसमें उसने दावा किया कि कुछ लोगों ने उसकी रात को मारपीट की और सुबह उठने पर उसके बाएं पैर का पंजा गायब था।
सूरज के बयान पर पुलिस ने दो अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की और जांच शुरू की। हालांकि, पुलिस ने जब सूरज के बयान में असंगति देखी, तो उसे संदेह हुआ। सूरज ने बार-बार अपने बयान बदले और भरमाने की कोशिश की, जिससे पुलिस को शक हुआ।
सर्विलांस ने खोला राज
पुलिस ने सर्विलांस के माध्यम से सूरज की कॉल डिटेल निकाली और पाया कि सूरज की एक प्रेमिका भी है, जिससे वह शादी करना चाहता था। पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि सूरज ने अक्टूबर में वाराणसी स्थित BHU (बनारस हिंदू विश्वविद्यालय) में दिव्यांग सर्टिफिकेट बनवाने की कोशिश की थी, लेकिन दिव्यांग न होने के कारण सर्टिफिकेट नहीं बन सका। इसके बाद सूरज ने खुद को दिव्यांग बनाने का फैसला किया।
पुलिस जांच में मिला एनेस्थीसिया इंजेक्शन
सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता ने बताया कि सूरज द्वारा मारपीट की बात की जा रही थी, लेकिन जांच में यह सामने आया कि घटना के समय अन्य कोई मोबाइल फोन नेटवर्क पर नहीं था। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और आसपास की जांच के दौरान पुलिस ने कुछ इंजेक्शन भी बरामद किए, जो एनेस्थीसिया से संबंधित थे।
CO सिटी गोल्डी गुप्ता के अनुसार, सूरज ने अपना ही पैर काट लिया था। दर्द कम करने के लिए, सूरज ने खुद को इंजेक्शन लगाया और फिर ग्राइंडर से अपना पैर काट लिया। इसके बाद, सूरज ने दावा किया कि रात में कुछ अनजान लोगों ने उस पर हमला किया था, और जब वह सुबह उठा, तो उसका बायां पैर गायब था।
पुलिस सूरज को शुरुआती इलाज के लिए ज़िला अस्पताल ले गई। बाद में, बेहतर इलाज के लिए उसे एक ट्रॉमा सेंटर में रेफर कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद सूरज का बयान रिकॉर्ड किया जाएगा, और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

