नई दिल्ली, 01 फरवरी। Budget 2026 Live Updates : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में अपना नौवां केंद्रीय बजट पेश कर रही हैं। इस दौरान उन्होंने बायो-फार्मा सेक्टर के लिए एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि, भारत को ग्लोबल बायो-फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब के तौर पर विकसित करने के लिए, मैं ‘बायो फार्मा शक्ति’ योजना का प्रस्ताव करती हूं। इसके लिए अगले पांच सालों में ₹10,000 करोड़ का प्रावधान किया जाएगा। इससे बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स के घरेलू उत्पादन के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम बनेगा।
विकास का लाभ हर किसी तक पहुंचे
केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, हम इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 लॉन्च करेंगे। इसका फोकस इंडस्ट्री के नेतृत्व वाले रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटर्स पर होगा ताकि टेक्नोलॉजी पर आधारित और कुशल वर्कफोर्स तैयार किया जा सके।
वैश्विक स्थिति के बारे में बात करते हुए वित्त मंत्री ने कहा, आज हम ऐसे बाहरी माहौल का सामना कर रहे हैं जहां व्यापार और बहुपक्षवाद दबाव में हैं, और संसाधनों और सप्लाई चेन तक पहुंच बाधित है। नई टेक्नोलॉजी प्रोडक्शन सिस्टम को बदल रही हैं, जबकि पानी, ऊर्जा और ज़रूरी खनिजों की मांग तेज़ी से बढ़ रही है।
भारत एक विकसित भारत की ओर आत्मविश्वास से आगे बढ़ता रहेगा, जहां महत्वाकांक्षा और समावेश के बीच संतुलन हो। बढ़ती अर्थव्यवस्था और व्यापार और पूंजी की बढ़ती ज़रूरतों के साथ, भारत को वैश्विक बाजारों के साथ गहराई से जुड़ा रहना चाहिए, निर्यात बढ़ाना चाहिए, और स्थिर दीर्घकालिक निवेश आकर्षित करना चाहिए।
10 हजार करोड़ का SME ग्रोथ फंड
वित्त मंत्री ने घोषणा की कि ₹10,000 करोड़ का एक SME ग्रोथ फंड बनाया जाएगा। सरकार टेक्सटाइल सेक्टर को भी बढ़ावा देगी। सरकार 500,000 से ज़्यादा आबादी वाले शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में निवेश करेगी।
निर्मला सीतारमण ने कहा, मैं देश के लोगों का आभार व्यक्त करती हूं, जिन्होंने दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने की हमारी यात्रा में हमारा मज़बूती से साथ दिया है। हमारा लक्ष्य आकांक्षाओं को उपलब्धियों में और क्षमता को प्रदर्शन में बदलना है, ताकि विकास का फायदा हर किसान, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, खानाबदोश समुदाय, युवा, गरीब व्यक्ति और महिला तक पहुंचे।
वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण की शुरुआत में यह भी कहा कि सरकार ने बातों से ज़्यादा सुधारों को प्राथमिकता दी है, और इसी नीति की वजह से भारत मौजूदा भू-राजनीतिक संकटों के बावजूद 7.2 प्रतिशत की GDP ग्रोथ रेट हासिल कर पाया है।

