इंदौर, 18 मार्च। Indore Fire Tragedy : रात की खामोशी में सब कुछ सामान्य था…घर के भीतर लोग गहरी नींद में थे, कुछ सपनों में, तो कुछ अपनों के साथ बिताए पलों की थकान में सुकून खोज रहे थे। लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि अगली सुबह उनके जीवन की आखिरी सुबह होगी।
इंदौर के बंगाली चौराहे स्थित ब्रजेश्वरी एनेक्स कॉलोनी में तड़के लगी आग ने सिर्फ एक मकान को नहीं जलाया, बल्कि एक पूरे परिवार के सपनों, रिश्तों और हंसी-खुशी को हमेशा के लिए राख कर दिया। देखते ही देखते आग ने ऐसा विकराल रूप लिया कि एक ही परिवार के 8 लोग जिंदा बाहर नहीं निकल सके।
शाम होते-होते जब एक साथ चिताएं जलीं, तो सिर्फ लकड़ियां नहीं, बल्कि उन रिश्तों की गर्माहट भी राख हो गई, जिन्हें अब कोई लौटा नहीं सकता। यह हादसा सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि एक ऐसी टीस है, जो लंबे समय तक दिलों को झकझोरती रहेगी।
10 से अधिक सिलेंडर होने की आशंका, 5 एलपीजी सुरक्षित निकाले
मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में बुधवार तड़के हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। बंगाली चौराहे के पास स्थित ब्रजेश्वरी एनेक्स कॉलोनी में एक घर के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक कार को चार्ज करने के दौरान हुए शॉर्ट सर्किट ने देखते ही देखते तीन मंजिला मकान को आग की चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के 8 लोगों की मौत हो गई।
अग्निशमन विभाग के अनुसार, घटना सुबह करीब 4 बजे की है। आग इतनी तेजी से फैली कि पूरी इमारत कुछ ही समय में लपटों से घिर गई। घर के अंदर रखे गैस सिलेंडरों में धमाके होने से स्थिति और भयावह हो गई। एसी और फ्रिज के कंप्रेसर तक फट गए, जिससे आग पर काबू पाना और मुश्किल हो गया। मौके से 5 एलपीजी सिलेंडर सुरक्षित निकाले गए, जबकि घर में 10 से अधिक सिलेंडर होने की आशंका जताई गई है।
इलेक्ट्रॉनिक लॉक बने जानलेवा
हादसे के समय घर के दरवाजों में लगे इलेक्ट्रॉनिक लॉक बचाव में बड़ी बाधा बने। बिजली कटने के बाद लॉक जाम हो गए, जिससे अंदर फंसे लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। दमकल और पुलिस को दरवाजे तोड़कर अंदर घुसना पड़ा।
परिवार के 8 सदस्यों की मौत
हादसे में मनोज पुगलिया समेत परिवार के 8 लोगों की जान चली गई, जिनमें महिलाएं, बच्चे और एक गर्भवती महिला भी शामिल हैं। कुछ लोग किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। मनोज पुगलिया (65), विजय सेठिया (65), सुमन सेठिया (60), टीनू (35), सिमरन (30) – (गर्भवती बहू), छोटू सेठिया (22), राशि सेठिया (12), तन्मय (6)।
मौके पर पहुंचा प्रशासन, जांच के आदेश
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। नगरीय प्रशासन मंत्री ने मामले की जांच के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अब चार्जिंग के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने की बात कही गई है।
PM ने जताया शोक, मुआवजे का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। यह हादसा इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा, चार्जिंग व्यवस्था और शहरी संरचना पर कई गंभीर सवाल खड़े कर गया है।

