रायपुर, 27 जून। Brewery Business : छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में माइक्रो ब्रुअरी खोलने की अनुमति दे दी है। इसके तहत अब अलग-अलग फ्लेवर वाली फ्रेश यानी क्राफ्ट बीयर तैयार कर परोसी जा सकेगी।
नई व्यवस्था के अनुसार माइक्रो ब्रुअरी संचालित करने के लिए 10 लाख रुपये वार्षिक लाइसेंस फीस जमा करनी होगी और कम से कम 4,000 वर्गफीट क्षेत्रफल वाला परिसर होना अनिवार्य होगा। प्रत्येक यूनिट को प्रतिदिन 1,000 लीटर तक क्राफ्ट बीयर उत्पादन की अनुमति दी जाएगी।
सरकार का कहना है कि इस पहल से होटल और रेस्टोरेंट उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी, नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे और राज्य के राजस्व में भी वृद्धि होगी।
एक ग्लास की कीमत: ₹250 से ₹300
सरकार ने माइक्रोब्रूअरी में बनने वाली क्राफ्ट बीयर पर ₹60 प्रति बल्क लीटर की एक्साइज ड्यूटी तय की है। साथ ही, क्राफ्ट बीयर के एक ग्लास की अनुमानित कीमत ₹250 से ₹300 के बीच रहने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि माइक्रोब्रूअरी खुलने से होटल, रेस्टोरेंट और टूरिज्म सेक्टर को फायदा होगा। इससे नया निवेश आएगा, रोज़गार के मौके बनेंगे और लाइसेंस फीस व एक्साइज ड्यूटी के ज़रिए राज्य के लिए अतिरिक्त रेवेन्यू भी आएगा।
प्रोडक्शन की सीमा तय
नई पॉलिसी के तहत, एक माइक्रोब्रूअरी को हर साल ज़्यादा से ज़्यादा 3.65 लाख बल्क लीटर क्राफ्ट बीयर बनाने की इजाज़त होगी। इसका मतलब है कि रोज़ाना औसतन 1,000 बल्क लीटर प्रोडक्शन की सीमा तय हो गई है। सरकार ने माइक्रोब्रूअरी के कामकाज पर नज़र रखना भी बढ़ा दिया है। प्रोडक्शन, बिक्री और टैक्स पेमेंट पर बारीकी से नज़र रखी जाएगी। दूसरे शब्दों में, भले ही बिज़नेस शुरू करना आसान हो गया हो, लेकिन नियमों का पालन पहले से ज़्यादा सख्ती से कराया जाएगा।
माइक्रो ब्रुअरी (Microbrewery) क्या है?
माइक्रो ब्रुअरी एक छोटा बीयर उत्पादन केंद्र होता है, जहां बड़ी फैक्ट्रियों की तरह बड़े पैमाने पर नहीं, बल्कि सीमित मात्रा में ताजा और विशेष फ्लेवर वाली बीयर (क्राफ्ट बीयर) तैयार की जाती है।
इसकी प्रमुख विशेषताएं
छोटे बैच में उत्पादन– बीयर कम मात्रा में बनाई जाती है, जिससे स्वाद और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
ताजा बीयर– बीयर तैयार होने के तुरंत बाद उसी परिसर के रेस्टोरेंट, पब या ग्राहकों को परोसी जाती है, इसलिए इसका स्वाद अधिक ताजा होता है।
अनोखे फ्लेवर– माइक्रो ब्रुअरी में मैंगो, एप्पल, व्हीट, कॉफी, चॉकलेट, सिट्रस जैसे कई अलग-अलग फ्लेवर की बीयर बनाई जा सकती है।
लाइव ब्रूइंग अनुभव– कई माइक्रो ब्रुअरी रेस्टोरेंट या ब्रूपब के अंदर होती हैं, जहां ग्राहक कांच के पीछे बीयर बनते हुए भी देख सकते हैं।
बड़ी फैक्ट्री से अलग– सामान्य बीयर बड़े उद्योगों में बड़े पैमाने पर बनती है और लंबे समय तक स्टोर की जाती है, जबकि माइक्रो ब्रुअरी की बीयर ताजा, सीमित और अधिक प्रीमियम मानी जाती है।

