नई दिल्ली, 23 जुलाई। Gujarat Flood : देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। गुजरात, महाराष्ट्र और जम्मू-कश्मीर में बाढ़, जलभराव और भूस्खलन जैसी घटनाओं से हालात गंभीर बने हुए हैं। सबसे ज्यादा असर दक्षिण गुजरात में देखने को मिला, जहां करीब 1,200 लोगों को सुरक्षित निकाला गया, जबकि हजारों लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया।
PM मोदी ने लिया हालात का जायजा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से फोन पर बातचीत कर बारिश और बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव मदद का भरोसा दिया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी प्रभावित इलाकों की स्थिति की समीक्षा की।
वलसाड में रिकॉर्ड बारिश, शहर बना तालाब
दक्षिण गुजरात के वलसाड जिले में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। उमरगांव में 24 घंटे से भी कम समय में 1100 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई। वापी, वलसाड और आसपास के इलाकों में सड़कें, घर, दुकानें और बेसमेंट पानी में डूब गए। कई जगहों पर कारें पूरी तरह जलमग्न हो गईं।
महाराष्ट्र में भी जनजीवन ठप
पालघर, दहानू, वसई और नालासोपारा में कई फीट पानी भरने से सड़कें बंद हो गईं। घरों और दुकानों में पानी घुस गया, जबकि नासिक में गोदावरी नदी का जलस्तर बढ़ने से रेस्क्यू अभियान चलाना पड़ा।
जम्मू-कश्मीर में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन
रियासी, डोडा, राजौरी और बांदीपोरा में भारी बारिश के बाद फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। चिनाब नदी का जलस्तर बढ़ने पर सलाल और बगलिहार डैम के गेट खोल दिए गए। बांदीपोरा में बाढ़ के दौरान एक महिला की मौत हो गई, जबकि पूरे जम्मू-कश्मीर में अब तक 25 से अधिक लोगों की जान जाने की सूचना है।
रेड अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने वलसाड, नवसारी, डांग, सूरत और तापी समेत कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा केवल आवश्यक होने पर ही घरों से निकलने की अपील की है।

