बिलासपुर, 29 जुलाई। Bilaspur Central Jail : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर सेंट्रल जेल से बुधवार को एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई। डबल मर्डर मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी बृजेश उर्फ राहुल ने जेल परिसर में स्थापित गैसीफायर प्लांट की जलती भट्ठी में छलांग लगा दी। घटना में उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
घटना के बाद पूरे जेल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह पुलिस अधिकारियों के साथ सेंट्रल जेल पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। एफएसएल और पुलिस की टीम ने जांच शुरू कर दी है।
गैसीफायर प्लांट में कैसे हुआ हादसा?
जेल परिसर में लकड़ियों से गैस बनाने के लिए गैसीफायर प्लांट संचालित होता है। इसी गैस का उपयोग जेल की रसोई में भोजन पकाने के लिए किया जाता है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, प्लांट की भट्ठी चालू थी। इसी दौरान कैदी अचानक वहां पहुंचा और देखते ही देखते जलती भट्ठी में कूद गया। जेलकर्मियों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना ने हाई सिक्योरिटी सेंट्रल जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक सजायाफ्ता कैदी गैसीफायर प्लांट जैसे संवेदनशील हिस्से तक कैसे पहुंच गया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना के समय कौन-कौन कर्मचारी ड्यूटी पर तैनात थे और कहीं सुरक्षा में लापरवाही तो नहीं हुई।
पहले भी विवादों में रही है सेंट्रल जेल
बिलासपुर सेंट्रल जेल पहले भी बंदियों के बीच मारपीट, संदिग्ध मौत, मोबाइल और प्रतिबंधित सामान की बरामदगी जैसी घटनाओं को लेकर सुर्खियों में रही है। ताजा घटना के बाद जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। कैदी के इस कदम के पीछे की वजह, सुरक्षा में संभावित चूक और घटनाक्रम की विस्तृत पड़ताल जारी है। जेल प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार है।

