बेमेतरा, 07 अगस्त। Bemetara Collector : छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा विवाद सामने आया है। जिले में पदस्थ अपर कलेक्टर गुड्डू लाल जगत ने राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग को आवेदन देकर कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई पर लगातार मानसिक प्रताड़ना, बार-बार कारण बताओ नोटिस जारी करने, सार्वजनिक रूप से अपमानित करने और प्रशासनिक रूप से परेशान करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। आवेदन और उससे जुड़े दस्तावेज सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है।
‘अगर मेरे साथ कुछ हुआ तो जिम्मेदार कलेक्टर’
18 जून 2026 को आयोग के अध्यक्ष को लिखे पत्र में अपर कलेक्टर ने दावा किया कि लगातार मानसिक तनाव के कारण उनकी रातों की नींद उड़ गई है। उन्होंने लिखा कि यदि उनके साथ कोई अप्रिय घटना, दुर्घटना अथवा मृत्यु होती है तो इसके लिए बेमेतरा कलेक्टर को जिम्मेदार माना जाए।
15 दिनों में 5 कारण बताओ नोटिस का दावा
आवेदन के मुताबिक, 31 मई से 17 जून 2026 के बीच उन्हें पांच अलग-अलग कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। अपर कलेक्टर का कहना है कि उन्होंने सभी नोटिसों का समय पर जवाब दिया, लेकिन इसके बावजूद नोटिस जारी करने का सिलसिला जारी रहा। उनका आरोप है कि इन नोटिसों का उद्देश्य प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि मानसिक रूप से प्रताड़ित करना था।
बीमारी के बावजूद दो घंटे इंतजार कराने का आरोप
अपर कलेक्टर ने यह भी आरोप लगाया कि खराब स्वास्थ्य की जानकारी देने के बावजूद एक मामले में उन्हें करीब दो घंटे तक कलेक्टर कक्ष के बाहर इंतजार कराया गया, जिससे उन्हें मानसिक आघात पहुंचा।
‘बैठक में मौजूद था, फिर भी अनुपस्थित बताकर नोटिस’
आवेदन में दावा किया गया है कि एक कारण बताओ नोटिस टीएल बैठक में अनुपस्थिति के आधार पर जारी किया गया, जबकि वे बैठक में मौजूद थे। उनका कहना है कि इससे उन्हें लगा कि उनके खिलाफ जानबूझकर कार्रवाई की जा रही है।
खराब सरकारी वाहन देने का भी आरोप
अपर कलेक्टर ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें ऐसा सरकारी वाहन आवंटित किया गया, जो पहले से खराब था और प्रशासनिक कार्यों के लिए उपयोग योग्य नहीं था। इसे उन्होंने कार्य में बाधा उत्पन्न करने वाला कदम बताया।
कलेक्टर का पक्ष नहीं आया सामने
इस मामले में कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई का पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

