रायगढ़, 12 सितंबर। Waste To Wealth : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में जिंदल स्टील ने स्टील उद्योग के कचरे को सड़क निर्माण में इस्तेमाल कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। कंपनी ने वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के साथ मिलकर फैक्ट्री से निकलने वाले स्टील स्लैग का 100 प्रतिशत उपयोग करते हुए 1.85 किलोमीटर लंबी 4-लेन सड़क तैयार की है। पूरी तरह प्रोसेस्ड स्टील स्लैग से बनी इस सड़क को दुनिया की सबसे लंबी स्टील स्लैग रोड के रूप में Guinness World Records में शामिल किया गया है।
2 लाख टन स्टील स्लैग से बनी 1.85 KM सड़क
इस ऐतिहासिक परियोजना में करीब 2 लाख टन प्रोसेस्ड स्टील स्लैग का इस्तेमाल किया गया है। शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और जिंदल स्टील लिमिटेड के चेयरमैन नवीन जिंदल ने ऑनलाइन माध्यम से सड़क का उद्घाटन किया। यह सड़क जिंदल सीमेंट परियोजना स्थल को नेशनल हाईवे-49 से सीधे जोड़ती है।
पारंपरिक सड़क से 35% पतली, लागत में करीब 40% बचत
स्टील स्लैग से बनी यह सड़क भारी कमर्शियल वाहनों जैसे ट्रकों की आवाजाही को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। कंपनी के अनुसार पारंपरिक सड़क निर्माण की तुलना में यह सड़क करीब 35 प्रतिशत पतली है और इसके निर्माण में लगभग 40 प्रतिशत लागत की बचत हुई है। स्टील स्लैग के उपयोग से प्राकृतिक पत्थरों की खुदाई और खनन पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिलेगी।
CSIR और सड़क अनुसंधान संस्थान के साथ तैयार हुई तकनीक
जिंदल स्टील ने CSIR और सड़क अनुसंधान संस्थान के सहयोग से स्टील स्लैग को सड़क निर्माण के लिए उपयुक्त सामग्री में बदला। इसके लिए स्लैग की क्रशिंग, मेटल निकालने और ग्रेडिंग जैसी वैज्ञानिक प्रक्रियाओं का इस्तेमाल किया गया। सड़क की निचली परत से लेकर ऊपरी बिटुमिन परत तक प्रोसेस्ड स्लैग का उपयोग किया गया है। परियोजना को आवश्यक पर्यावरणीय परीक्षणों के बाद मंजूरी दी गई।
‘वेस्ट टू वेल्थ’ का सपना हुआ साकार
जिंदल स्टील के चेयरमैन नवीन जिंदल ने कहा कि भारत की प्रगति ऐसे नवाचारों के जरिए होनी चाहिए, जिनसे पर्यावरण की रक्षा के साथ देश को भी लाभ मिले। उन्होंने कहा कि यह तकनीक दिखाती है कि उद्योग से निकलने वाला कचरा भी देश निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है।
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस परियोजना को ‘वेस्ट टू वेल्थ’ के सपने को साकार करने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना स्वदेशी तकनीक के जरिए बड़ी समस्याओं का समाधान खोजने की क्षमता को प्रदर्शित करती है।
‘Steel Grit’ नाम से देशभर में इस्तेमाल की तैयारी
जिंदल स्टील ने प्रोसेस्ड स्टील स्लैग को ‘Steel Grit’ नाम दिया है, जिसका लोगो भी कार्यक्रम में लॉन्च किया गया। इस तकनीक को देशभर में सड़क निर्माण में इस्तेमाल करने की दिशा में एक समझौते पर भी हस्ताक्षर किए गए हैं। परियोजना के दौरान देश के कई प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने रायगढ़ पहुंचकर सड़क का निरीक्षण किया और महत्वपूर्ण सुझाव दिए। Guinness World Records की टीम ने भी रायगढ़ पहुंचकर स्थल का मुआयना किया था। शनिवार को उद्घाटन समारोह में जिंदल स्टील लिमिटेड रायगढ़ के अधिकारी और कर्मचारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े।

