रायपुर,16 सितम्बर। PM Janman Yojana : धमतरी जिले के वनांचल स्थित ग्राम पीपरहीभर्री ग्राम पंचायत कौहाबाहरा की विशेष पिछड़ी कमार जनजाति की दिनेश्वरी के लिए पक्का मकान कभी एक दूर की कौड़ी हुआ करता था। पति छन्नू के साथ मिट्टी, बांस और घास-फूस से बनी झोपड़ी में दिन काटने को मजबूर दिनेश्वरी के लिए हर मानसून खौफ और अनहोनी का संदेश लेकर आता था। छत से टपकते पानी, ढहती दीवारों और पास के जंगल से जंगली जानवरों के खतरे के बीच बच्चों का पालन-पोषण करना एक दैनिक संघर्ष था।
प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) ने इस संघर्ष को स्थायी विराम दिया है। योजना के तहत स्वीकृत पक्के मकान ने न केवल उन्हें महफूज छत दी है, बल्कि बुनियादी सुविधाओं का एक नया संसार भी खोल दिया है।
इस पक्का मकान के बन जाने से आशियाना सुरक्षित हो गया। ईंट-सीमेंट के पक्के घर से कच्चे मकान के ढहने और जंगली जानवरों का भय पूरी तरह खत्म हुआ। नए आवास के साथ ही घर में बिजली, स्वच्छ पेयजल और शौचालय की मूलभूत सुविधा उपलब्ध हुई। इसके साथ ही बेहतर सड़क संपर्क से स्वास्थ्य सुविधाओं और बच्चों की शिक्षा तक पहुंच आसान हुई, जिससे परिवार में आत्मसम्मान और नए कल की उम्मीद जगी है।
प्रधान मंत्री जी के सार्वजनिक सेवा के 25 वर्षों पर आभार व्यक्त करते हुए दिनेश्वरी कहती हैं कि पहले हर बारिश डर लेकर आती थी, अब हमारे सिर पर सुरक्षित छत है। पीएम जनमन योजना ने हमारे परिवार को सम्मानजनक जीवन दिया है।
दिनेश्वरी की यह कहानी प्रमाण है कि जब जनकल्याणकारी योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं, तो वनांचल के दूरस्थ इलाकों में भी उम्मीद और आत्मनिर्भरता का नया सूरज उगता है।

