रायपुर, 5 नवंबर 2026। Tuhar Token App : छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 की धान खरीदी से पहले राज्य सरकार ने किसानों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार ने प्रदेश में 360 नए धान उपार्जन केंद्रों को स्वीकृति दी है। इसके बाद राज्य में धान खरीदी केंद्रों की संख्या 2,740 से बढ़कर 3,100 हो जाएगी। सरकार के मुताबिक, इस फैसले से दो लाख से अधिक पंजीकृत किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
अब गांव और आसपास ही बेच सकेंगे धान
नए उपार्जन केंद्र शुरू होने से किसानों को धान बेचने के लिए दूर-दराज के केंद्रों तक जाने की जरूरत कम होगी। इससे परिवहन पर होने वाला खर्च बचेगा और समय की भी बचत होगी। जिन केंद्रों पर किसानों की अधिक भीड़ रहती थी, वहां भी दबाव कम होने की उम्मीद है। तौल, गुणवत्ता परीक्षण और खरीदी की अन्य प्रक्रियाएं भी अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित हो सकेंगी।
15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी
खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश में धान खरीदी की अवधि 15 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक निर्धारित की गई है। खरीदी शुरू होने से पहले सभी उपार्जन केंद्रों में जरूरी व्यवस्थाएं पूरी करने पर जोर दिया जा रहा है। नए केंद्रों के संचालन से खरीदी व्यवस्था का विकेंद्रीकरण होगा और अधिक किसानों की उपज निर्धारित समय में खरीदी जा सकेगी।
‘तुंहर टोकन’ एप से घर बैठे मिलेगा टोकन
इस साल भी किसानों को धान बेचने के लिए ‘तुंहर टोकन’ मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन टोकन की सुविधा मिलेगी। किसान मोबाइल से घर बैठे 24 घंटे टोकन प्राप्त कर सकेंगे। इससे समितियों में बार-बार जाने और लंबी कतारों में खड़े होने की परेशानी कम होगी। किसान टोकन में निर्धारित तारीख के अनुसार धान के परिवहन और विक्रय की योजना बना सकेंगे।
2 से 5 नवंबर तक ट्रायल, 10 नवंबर से टोकन
धान खरीदी व्यवस्था की तकनीकी और अन्य तैयारियों को परखने के लिए 2 से 5 नवंबर 2026 तक समितियों में ट्रायल रन आयोजित किया जाएगा। इस दौरान टोकन प्रक्रिया और तकनीकी व्यवस्थाओं का परीक्षण होगा, ताकि खरीदी शुरू होने से पहले संभावित समस्याओं को दूर किया जा सके। किसानों के लिए 10 नवंबर 2026 से टोकन जारी करने की व्यवस्था शुरू होगी।
किसानों का समय और खर्च बचाने पर जोर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि किसानों की सुविधा और उनकी मेहनत का सम्मान करना सरकार की प्राथमिकता है। धान बेचने की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और भरोसेमंद होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 360 नए उपार्जन केंद्रों की स्वीकृति और ऑनलाइन टोकन जैसी सुविधाओं का उद्देश्य किसानों को अनावश्यक परेशानी से बचाना है। सरकार का प्रयास है कि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए कम दूरी तय करनी पड़े और उनके समय, श्रम तथा परिवहन खर्च की बचत हो।

