‘Cow Cabinet’ को बताया जुमला, कहा- 15 वर्ष बनाम मौजूदा 8 महीनों की सरकार में शिवराज सरकार ने गौ रक्षा के लिए कुछ नहीं किया…किसने कहा?

मध्य प्रदेश, 19 नवंबर। मध्य प्रदेश सरकार ने गौ-कैबिनेट का फैसला लिया है. इस फैसले को कांग्रेस ने जुमला बताया है. पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि अपनी पूर्व की घोषणा को भूलकर शिवराज फिर एक नई घोषणा कर रहे हैं. सभी जानते हैं कि अपनी 15 वर्ष की सरकार में व वर्तमान 8 माह में शिवराज सरकार ने गौ माता के संरक्षण व संवर्धन के लिए कुछ भी नहीं किया.
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा, ‘2018 के विधानसभा चुनाव के पूर्व प्रदेश में गौ मंत्रालय बनाने की घोषणा करने वाले शिवराज सिंह अब गोधन संरक्षण व संवर्धन के लिए गौ कैबिनेट बनाने की बात कर रहे हैं. उन्होंने अपनी चुनाव के पूर्व की गयी घोषणा में गौमंत्रालय बनाने के साथ-साथ पूरे प्रदेश में गौ अभ्यारण और गौशालाओं के जाल बिछाने की बात भी कही थी, प्रत्येक घर में भी छोटी-छोटी गौशाला बनाने की भी बात उन्होंने अपनी चुनावी घोषणा में कही थी.’
कमलनाथ ने कहा, ‘अपनी पूर्व की घोषणा को भूलकर शिवराज फिर एक नई घोषणा कर रहे हैं. सभी जानते हैं कि अपनी 15 वर्ष की सरकार में व वर्तमान 8 माह में शिवराज सरकार ने गौ माता के संरक्षण व संवर्धन के लिए कुछ भी नहीं किया उल्टा गौमाता के लिये चारे की राशि में कांग्रेस सरकार ने जो बीस रुपये प्रति गाय का प्रावधान किया था, उसे भी कम कर दिया.’
कमलनाथ ने कहा, ‘कांग्रेस सरकार ने अपने वचन पत्र में वादा किया था कि हमारी सरकार आने पर हम एक हज़ार गौशालाओं का निर्माण शुरू करायेंगे. हमने अपने वचन को पूरा किया. प्रदेश भर में गौशालाओं का निर्माण व्यापक स्तर पर चालू करवाया.
चलो कांग्रेस सरकार के गौ माता के संरक्षण व संवर्धन के लिए किए जा रहे कामों से बीजेपी को थोड़ी सदबुद्धि तो आई.’
वहीं, कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि ये सिर्फ घोषणावीर मुख्यमंत्री की एक और घोषणा भर है. अगर ये गौसेवा के प्रति इतने ईमानदार हैं तो फिर क्यों इन्होंने गाय के चारे का फंड 20 रुपये/प्रति गाय से घटाकर 3 रुपये/प्रति गाय किया? क्यों सड़कों/हाईवे पर इतनी गाय बारिश के दौरान बैठी रहती हैं?
पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार गौसेवा के प्रति असल मे ईमानदार थी इसलिए हमने 1 हजार गौशालाएं बनवाई. इनको चाहिए था कि ये हमारे काम को और आगे ले जाते. हर पंचायत स्तर पर गौशाला खोलते. ये गौ कैबिनेट से क्या होगा जब इनकी नियत सिर्फ घोषणाओं की ही होती है.