पानीपत, 04 दिसंबर। Murder of Children : मानवीय संवेदनाओं, रिश्तों के विश्वास और मासूमियत की सुरक्षा पर प्रश्नचिन्ह लगा देने वाली इस घटना में पुलिस ने पूनम नामक महिला को चार बच्चों की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह मामले जितने दर्दनाक हैं, उतने ही जटिल भी, क्योंकि इन हत्याओं के पीछे मानसिक असामान्यता, गहरी जलन और असुरक्षा की भावना काम कर रही थी।

परिवार का विश्वास टूटा, मासूमों की जिंदगी छिनी
पानीपत पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि पूनम खूबसूरत या आकर्षक बच्चों को देखकर मानसिक रूप से असहज हो जाती थी। इसी विकृत भावना में वह बच्चों को अकेला पाकर पानी में डुबोकर जान लेती थी। सबसे दर्दनाक बात यह है कि अपनी करतूत छिपाने के लिए उसने अपने तीन साल के बेटे को भी इसी तरह मौत के हवाले कर दिया।
आज विडंबना यह है कि वही परिवार, जिसने पहले उसकी बातों पर भरोसा कर उसे निर्दोष माना, उसी महिला के दो साल के बेटे की देखभाल कर रहा है, जबकि उसी जेठानी की छह साल की बेटी विधि उसकी आखिरी शिकार बनी।
पहली घटना : ननद की बेटी इशिका और अपना बेटा शुभम (जनवरी 2023)
सोनीपत के भावड़ गांव में पूनम की ननद अपने बच्चों के साथ मायके (Murder of Children) आई हुई थी। परिवार को नहीं पता था कि इस घर में दो मासूमों के साथ क्या होने वाला है। पूनम ने पहले मौका पाकर 11 वर्षीय इशिका को पानी के हौद में डुबोकर मार दिया। और शक से बचने के लिए उसने अपना बेटे शुभम को भी जान से मार दिया। तब उसने एक कहानी गढ़ दी कि शुभम गलती से गिरा और इशिका उसे बचाने के दौरान डूब गई। परिवार सदमे में हादसा मानता रहा।
दूसरी घटना: मायके में 10 वर्षीय जिया की मौत (अगस्त 2025)
गांव सिवाह में अपने मायके आई पूनम की नजर इस बार अपने भाई दीपक की बेटी जिया पर पड़ी। रात को बच्ची गहरी नींद में थी, पूनम उसे बहाने से बाहर ले गई और पानी की हौद में सिर दबाकर मार दिया। कुछ संदेह उठे, लेकिन परिवारिक दबाव और विश्वास के चलते यह घटना भी ‘हादसा’ मानी गई।
ताजा घटना जिसने सच उजागर किया: 6 वर्षीय विधि की हत्या (1 दिसंबर 2025)
नौलखा गांव में शादी समारोह में खुशियों का माहौल था। परिवारों को नहीं पता था कि यह खुशी मातम में बदल जाएगी। पूनम ने अपनी जेठानी की बेटी विधि को अकेला पाया और मौका देखकर उसे पानी भरे टब में डुबोकर मार दिया। पहले की तरह इसे भी हादसा समझा गया, लेकिन लगातार एक ही तरह की मौतें होने के कारण पुलिस सतर्क हुई। पुराने मामलों को जोड़कर जब पुलिस ने गहराई से पूछताछ की, तो पूरी सच्चाई सामने आ गई और पूनम ने अपने अपराध कबूल कर लिए।
पूनम स्मार्ट और समझदार है, लेकिन सोच खतरनाक है: पुलिस
पानीपत एसपी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि पूनम स्मार्ट और समझदार है, लेकिन उसकी सोच खतरनाक थी। किसी भी सुंदर बच्ची को देखकर उसका दिमाग खराब हो जाता था, एसपी ने कहा। पूछताछ में पूनम ने बताया कि उसे लगता था कि कोई बच्ची बड़ी होकर उससे ज्यादा सुंदर न हो जाए, यही वजह थी कि उसने चार मासूमों की जान ले ली।
पुलिस ने बताया कि पूनम ज्यादा पढ़ी-लिखी नहीं है।अब पकड़े जाने के बाद वह अपने किए पर दुख जता रही है, लेकिन यह पछतावा चार मासूमों की जिंदगी वापस नहीं ला सकता। इस केस ने पूरे हरियाणा को हिला दिया है। सोशल मीडिया पर लोग हैरान हैं कि इतनी खूबसूरत दिखने वाली महिला के अंदर इतनी खतरनाक सोच कैसे पैदा हुई। अब उसका चेहरा सामने आया है, और लोग पूछ रहे हैं क्या खूबसूरती के पीछे छिपा यह खतरनाक जुनून किसी फिल्म से भी ज्यादा डरावना नहीं है।
मानसिक स्वास्थ्य का गंभीर संकेत
पुलिस के अनुसार पूनम किसी भी सुंदर बच्चे को देखकर जलन और असामान्य असुरक्षा महसूस करती थी, जो गंभीर मानसिक विकार का संकेत है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में समय रहते मानसिक स्वास्थ्य का उपचार न होने से व्यक्ति खतरनाक हो सकता है। यह घटना समाज के लिए एक बड़ी चेतावनी है कि मानसिक बीमारी भी उतनी ही वास्तविक और गंभीर होती है जितना कोई शारीरिक रोग और इसे नजरअंदाज करने की कीमत अत्यंत दर्दनाक हो सकती है।
समाज के नाम सीख
यह मामला केवल अपराध की कहानी नहीं है, बल्कि परिवारों और समाज के लिए एक चेतावनी है, मानसिक स्वास्थ्य को समय रहते पहचानना व संभालना बेहद जरूरी है। परिवारों में लगातार घटने वाली असामान्य घटनाओं को अनदेखा न करें। बच्चों की सुरक्षा में किसी भी लापरवाही का परिणाम गहरा हो सकता है।
पानीपत की यह घटना दिल को झकझोर देने वाली है। चार मासूमों (Murder of Children) की असमय मौत ने कई परिवारों को तोड़ दिया है। अब पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ सवाल यह भी है कि कितनी जिंदगियां बच सकती थीं…अगर मानसिक बीमारी को समय पर पहचाना जाता।

