बरेली, 02 फरवरी। Online Gambling : बरेली के इज्जतनगर थाना क्षेत्र की कैलाशपुरम कॉलोनी में 26 जनवरी को सामने आया आत्महत्या का मामला अब एक सनसनीखेज हत्या में तब्दील हो गया है। जितेंद्र यादव का शव फंदे से लटका मिला था, जिसे शुरुआत में आत्महत्या माना गया, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या (स्ट्रैंगुलेशन) की पुष्टि होने के बाद मामले ने चौंकाने वाला मोड़ ले लिया।

पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक की पत्नी ज्योति ने ऑनलाइन जुए में पैसे हारने के विवाद के बाद अपने पति जितेंद्र की गला घोंटकर हत्या कर दी और फिर अपने माता-पिता की मदद से साक्ष्य मिटाने के लिए शव को मफलर के सहारे फंदे से लटका दिया, ताकि मामला आत्महत्या का लगे।
शव की हालत से खुला राज
घटना की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस को शव की स्थिति संदिग्ध लगी। जितेंद्र का शव वेंटिलेटर से लटका था, लेकिन उसके पैर नीचे रखे स्टूल पर टिके हुए थे और जीभ बाहर निकली हुई थी। फॉरेंसिक टीम ने स्पष्ट किया कि इस स्थिति में आत्महत्या संभव नहीं है। वहीं कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच में पता चला कि घटना के तुरंत बाद ज्योति ने पुलिस या ससुराल पक्ष को सूचना देने के बजाय अपने मायके वालों को फोन किया था, जिससे पुलिस का शक और गहरा गया। सख्ती से पूछताछ करने पर ज्योति ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
प्रेम विवाह के बाद बढ़ा विवाद
बताया जा रहा है कि जितेंद्र और ज्योति ने 25 नवंबर 2025 को प्रेम विवाह किया था। जितेंद्र ने इस रिश्ते के लिए करीब 9 साल तक इंतजार किया था। परिजनों का आरोप है कि रोडवेज में कंडक्टर के पद पर कार्यरत ज्योति शादी के बाद से ही जितेंद्र पर पैतृक संपत्ति बेचकर उसके नाम पर मकान और कार खरीदने का दबाव बना रही थी। मांग पूरी न होने पर वह दहेज उत्पीड़न के मामले में फंसाने की धमकी भी देती थी।
26 जनवरी को ऑनलाइन जुए में 20 हजार रुपये हारने की बात पर हुए विवाद के बाद ज्योति ने हत्या की वारदात को अंजाम दे दिया।
तीन आरोपी गिरफ्तार, भेजे गए जेल
एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर इज्जतनगर पुलिस ने मामले की गहन जांच की। पहले आत्महत्या के उकसावे में दर्ज एफआईआर को बाद में हत्या की धाराओं में बदला गया। 31 जनवरी को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मृतक की पत्नी ज्योति, उसके पिता कालीचरन और मां चमेली को कब्रिस्तान के पास से गिरफ्तार कर लिया।

