मथुरा, 14 अप्रैल। Keshi Ghat Boat Accident : उत्तर प्रदेश के मथुरा में यमुना किनारे सोमवार सुबह ऐसा मंजर देखने को मिला, जिसने हर आंख नम कर दी। लापता चल रहे 23 वर्षीय युवराज उर्फ यश भल्ला का शव देवराहा बाबा मंदिर के पास घाट से बरामद किया गया।
यश भक्ति में डूबे श्रद्धालुओं के साथ भजन-कीर्तन के लिए आए थे और अपने साथ ढोलक भी लाए थे। उनकी ढोलक की थाप पर श्रद्धालु झूम रहे थे, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह थाप हमेशा के लिए खामोश हो जाएगी।
केशीघाट हादसे के बाद मची थी अफरा-तफरी
शुक्रवार को Keshi Ghat पर मोटरबोट पलटने की घटना के बाद यश लापता हो गए थे। वह पंजाब के Ludhiana से श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ यहां आए थे।
पिता की पुकार
हादसे की खबर मिलते ही पिता राकेश भल्ला मौके पर पहुंच गए और यमुना किनारे बैठकर बेटे की तलाश में जुटे रहे। उनकी एक ही गुहार थी- बस एक बार अपने बेटे को जिंदा देख लूं, उसकी आवाज सुन लूं…इस दर्दनाक पुकार ने वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम कर दीं।
14 किलोमीटर दूर मिली ढोलक
रविवार को पुलिस ने घटनास्थल से करीब 14 किलोमीटर दूर गोकुल बैराज के पास यश की ढोलक बरामद की थी। सोमवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे उनका शव मिलने के बाद पिता उसी ढोलक को अंतिम विदाई के समय अपने साथ ले गए, यह दृश्य हर किसी को झकझोर गया।
होनहार छात्र और संगीत प्रेमी था यश
परिवार के मुताबिक, यश पढ़ाई में बेहद तेज था और 12वीं कक्षा का छात्र था। संगीत से उसे खास लगाव था और वह अपने सपनों को सुरों में पिरो रहा था। लेकिन नियति ने उसके सारे सपनों को यमुना की लहरों में समेट लिया। यमुना किनारे पसरे सन्नाटे के बीच एक पिता की आंखों में बस यही सवाल तैरता रहा, मेरा चहकता बेटा इतनी जल्दी खामोश कैसे हो गया?

