Revealed in Mainpat Death : मैनपाट मौत मामले में बड़ा खुलासा…! 5 मौतों पर जांच रिपोर्ट आई सामने…गांवों में नहीं मिला Hepatitis संक्रमण…सामने आए अलग-अलग कारण

Revealed in Mainpat Death : मैनपाट मौत मामले में बड़ा खुलासा…! 5 मौतों पर जांच रिपोर्ट आई सामने…गांवों में नहीं मिला Hepatitis संक्रमण…सामने आए अलग-अलग कारण

रायपुर, 06 जून। Revealed in Mainpat Death : सरगुजा जिले के मैनपाट विकासखंड में कथित पीलिया से हुई पांच मौतों के मामले में स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। संयुक्त जांच दल ने स्पष्ट किया है कि मृतकों में पीलिया या हेपेटाइटिस के सामूहिक संक्रमण के प्रमाण नहीं मिले हैं।

स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की संयुक्त टीम ने प्रभावित गांवों का निरीक्षण, स्वास्थ्य परीक्षण और पेयजल स्रोतों की जांच की। जांच में सामने आया कि सभी मृतकों की मौत अलग-अलग बीमारियों और स्वास्थ्य जटिलताओं के कारण हुई थी।

स्वास्थ्य विभाग ने क्या कहा?

संयुक्त दल ने मृतकों के परिजनों से चर्चा, वर्बल ऑटोप्सी और मेडिकल रिपोर्ट्स के आधार पर जांच की। विभाग के अनुसार, ग्राम कुनिया निवासी जितेंद्र यादव की मौत अस्पताल रिपोर्ट और वर्बल ऑटोप्सी के मुताबिक सेप्टिक शॉक (MODS) के कारण हुई थी।

ग्राम बरिमा निवासी भगवती यादव में हेपेटाइटिस-ए की पुष्टि हुई थी, लेकिन रायपुर के अस्पतालों की रिपोर्ट में उनकी मौत का कारण लीवर संबंधी जटिलताएं और कार्डियो-रेस्पिरेटरी अरेस्ट बताया गया

ग्राम नर्मदापुर निवासी विकास यादव बचपन से सिकल सेल बीमारी से पीड़ित थे। इलाज के दौरान रायपुर में उनकी मौत हुई। स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया कि उन्हें हेपेटाइटिस नहीं था। ग्राम केसरा निवासी आकांक्षा यादव लंबे समय से टीबी और श्वसन संबंधी बीमारी से जूझ रही थीं। उपचार के दौरान उनकी मौत हुई।

गांवों में नहीं मिले संक्रमण के लक्षण

जांच दल के मुताबिक, सभी मृतक अलग-अलग गांवों और पारों के निवासी थे, जिनके बीच 15 से 20 किलोमीटर की दूरी है। स्वास्थ्य टीम ने मृतकों के परिवारों और आसपास के क्षेत्रों में सर्वे किया, लेकिन किसी अन्य व्यक्ति में पीलिया या हेपेटाइटिस के लक्षण नहीं मिले। इससे यह स्पष्ट हुआ कि जल स्रोतों के जरिए किसी सामूहिक संक्रमण की स्थिति नहीं बनी थी।

एहतियात के तौर पर जारी है सर्वे

हालांकि एहतियातन स्वास्थ्य विभाग प्रभावित क्षेत्रों में डोर-टू-डोर स्वास्थ्य सर्वे कर रहा है। साथ ही, दवाइयों का वितरण। पेयजल स्रोतों का क्लोरीनेशन। स्वास्थ्य जागरूकता अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं।

अफवाहों से बचने की अपील

स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के स्वास्थ्य संबंधी लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें और अफवाहों पर ध्यान न दें।

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