नई दिल्ली, 13 जून। India Vs World Fuel Price : भारत में पेट्रोल की कीमतों को लेकर अक्सर बहस होती रहती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक ऐसा भी देश/क्षेत्र है जहां एक लीटर पेट्रोल खरीदने के लिए करीब ₹396 खर्च करने पड़ते हैं। यह कीमत भारत के कई राज्यों की तुलना में लगभग चार गुना अधिक है।
वैश्विक ईंधन मूल्य आंकड़ों के अनुसार हांगकांग दुनिया का सबसे महंगा पेट्रोल बाजार बना हुआ है। यहां पेट्रोल की कीमत लगभग ₹396 प्रति लीटर दर्ज की गई है। वहीं भारत में अधिकांश राज्यों में पेट्रोल ₹95 से ₹115 प्रति लीटर के बीच बिक रहा है।
दुनिया के सबसे महंगे पेट्रोल वाले देश
| रैंक | देश | कीमत (₹/लीटर लगभग) |
|---|---|---|
| 1 | हांगकांग | ₹396 |
| 2 | मलावी | ₹365 |
| 3 | इज़राइल | ₹272 |
| 4 | डेनमार्क | ₹263 |
| 5 | नीदरलैंड्स | ₹262 |
| 6 | फिनलैंड | ₹235 |
| 7 | ग्रीस | ₹234 |
| 8 | लिकटेंस्टीन | ₹233 |
| 9 | स्विट्जरलैंड | ₹232 |
| 10 | सिंगापुर | ₹231 |
भारत की तुलना में कितनी ज्यादा कीमत?
- भारत (औसत): ₹100-115/लीटर
- हांगकांग: ₹396/लीटर
- अंतर: लगभग ₹280-300 प्रति लीटर ज्यादा
यानी हांगकांग में वाहन मालिकों को भारत के मुकाबले लगभग 4 गुना अधिक कीमत चुकानी पड़ती है।
आखिर इतनी महंगी क्यों है पेट्रोल?
विशेषज्ञों के मुताबिक ऊंची कीमतों के पीछे कई कारण हैं- भारी टैक्स और पर्यावरण शुल्क, आयात पर निर्भरता, सीमित भूमि और उच्च, लॉजिस्टिक लागत, सरकारी कर नीति और ईंधन पर अतिरिक्त उपकर है। इसी वजह से हांगकांग, डेनमार्क और नीदरलैंड्स जैसे देशों में पेट्रोल की कीमतें दुनिया में सबसे ज्यादा बनी हुई हैं।
दूसरी तरफ सबसे सस्ता पेट्रोल
तेल उत्पादक देशों जैसे लीबिया, ईरान और वेनेजुएला में पेट्रोल ₹3 से ₹5 प्रति लीटर तक मिलता है, क्योंकि वहां सरकारें भारी सब्सिडी देती हैं। वैश्विक ईंधन मूल्य आंकड़ों के अनुसार इन देशों में पेट्रोल की कीमत दुनिया में सबसे कम है। इसका सबसे बड़ा कारण इन देशों का विशाल तेल भंडार और सरकारों द्वारा दी जाने वाली भारी सब्सिडी है।
दुनिया के सबसे सस्ते पेट्रोल वाले देश
| देश | कीमत (लगभग) |
|---|---|
| लीबिया | ₹3 प्रति लीटर |
| ईरान | ₹3-4 प्रति लीटर |
| वेनेजुएला | ₹4-5 प्रति लीटर |
आखिर इतनी सस्ती क्यों है पेट्रोल?
विशेषज्ञों के मुताबिक लीबिया, ईरान और वेनेजुएल में सबसे सस्ते पेट्रोल मिलने के पीछे कई बड़े कारण हैं- विशाल कच्चे तेल के भंडार, घरेलू उत्पादन बहुत अधिक, सरकार की भारी सब्सिडी, कम कर (टैक्स) और ऊर्जा क्षेत्र पर सरकारी नियंत्रण है। इसी वजह से इन देशों में पेट्रोल की कीमतें दुनिया में सबसे निचले स्तर पर बनी हुई हैं।

