मुंबई, 20 जून। Bollywood Intimate Scenes : बॉलीवुड फिल्मों में इंटीमेट और किसिंग सीन को लेकर अक्सर चर्चा होती रही है, लेकिन इस बार एक एंटरटेनमेंट जर्नलिस्ट के दावों ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है। एक पॉडकास्ट इंटरव्यू के दौरान पत्रकार ने दावा किया कि कई बार इंटीमेट सीन की शूटिंग के दौरान कलाकार किरदार में इतने डूब जाते हैं कि ‘कट’ बोलने के बाद भी सीन जारी रहता है।
सिद्धार्थ कनन के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान पत्रकार से सवाल किया गया कि क्या इंटीमेट सीन के दौरान सिर्फ अभिनेता ही नहीं, बल्कि अभिनेत्रियां भी बहक जाती हैं। इस पर उन्होंने कुछ चर्चित सितारों का नाम लेते हुए कई दावे किए।
जैकलीन-सिद्धार्थ को लेकर किया दावा
पत्रकार ने दावा किया कि अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा और अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस के बीच फिल्माए गए एक किसिंग सीन के दौरान कैमरा बंद होने और ‘कट’ बोल दिए जाने के बाद भी दोनों कथित तौर पर किस करते रहे। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह घटना किस फिल्म की शूटिंग के दौरान हुई थी।
टाइगर श्रॉफ और जैकलीन का भी लिया नाम
पत्रकार ने यह भी दावा किया कि फिल्म ए फ्लाइंग जट्ट की शूटिंग के दौरान टाइगर श्रॉफ और जैकलीन फर्नांडिस के एक किसिंग सीन में भी “कट” के बाद सीन कुछ देर तक जारी रहा। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
कंगना रनौत और वीर दास को लेकर भी टिप्पणी
पॉडकास्ट में पत्रकार ने अभिनेत्री कंगना रनौत और अभिनेता वीर दास का जिक्र करते हुए कहा कि एक फिल्म की शूटिंग के दौरान किसिंग सीन करते समय अभिनेत्री कथित तौर पर सीन समाप्त होने के बाद भी नहीं रुकीं, जिससे अभिनेता असहज हो गए थे। हालांकि इस संबंध में भी किसी पक्ष की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
चित्रांगदा-नवाजुद्दीन का मामला भी आया चर्चा में
पत्रकार ने अभिनेत्री चित्रांगदा सिंह और अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी की फिल्म बाबूमोशाय बंदूकबाज का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि फिल्म के एक इंटीमेट सीन को लेकर पहले भी विवाद हो चुका है और अभिनेत्री ने उस दौरान असहज महसूस किया था।
दावों की पुष्टि नहीं
फिलहाल पॉडकास्ट में किए गए इन दावों की (Bollywood Intimate Scenes) स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। संबंधित कलाकारों की ओर से भी इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में इन दावों को केवल पॉडकास्ट में व्यक्त व्यक्तिगत दावों के तौर पर ही देखा जा रहा है।

