Power Transmission IPO : नए साल में आएगा छत्तीसगढ़ पावर ट्रांसमिशन कंपनी का IPO…! 15 हजार करोड़ जुटाने का लक्ष्य…सरकार बेचेगी 5% हिस्सेदारी

Power Transmission IPO : नए साल में आएगा छत्तीसगढ़ पावर ट्रांसमिशन कंपनी का IPO…! 15 हजार करोड़ जुटाने का लक्ष्य…सरकार बेचेगी 5% हिस्सेदारी

रायपुर, 20 जून। Power Transmission IPO : छत्तीसगढ़ राज्य पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीटीसीएल) नए वित्तीय वर्ष में अपना प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) लाने की तैयारी में है। कंपनी का लक्ष्य आईपीओ के जरिए करीब 15 हजार करोड़ रुपये जुटाना है, जिसका उपयोग राज्य में बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने के लिए ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार में किया जाएगा।

पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध संचालक आर.के. शुक्ला ने बताया कि कंपनी की स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टिंग और आईपीओ जारी करने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि किसी भी कंपनी को स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध करने और आईपीओ लाने में आमतौर पर 8 से 10 महीने का समय लगता है। ऐसे में अगले वर्ष कंपनी का आईपीओ बाजार में आने की उम्मीद है।

कैबिनेट दे चुकी है मंजूरी

गौरतलब है कि राज्य मंत्रिमंडल पहले ही ऊर्जा विभाग के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे चुका है, जिसमें पावर ट्रांसमिशन कंपनी को स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध करने की अनुमति दी गई थी। कंपनी लगातार मुनाफे में है और उसकी वित्तीय स्थिति मजबूत मानी जा रही है।

चार वर्षों में 15 हजार करोड़ निवेश की योजना

पावर कंपनी के सूत्रों के अनुसार, प्रदेश में तेजी से बढ़ रही बिजली की मांग को देखते हुए आगामी चार वर्षों में ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार के लिए करीब 15 हजार करोड़ रुपये के निवेश की योजना बनाई गई है। आईपीओ के जरिए जुटाई जाने वाली पूंजी इस महत्वाकांक्षी योजना को गति दे सकती है।

207 करोड़ का मुनाफा, लगातार मिली ए++ रेटिंग

वित्तीय वर्ष 2024-25 में पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने 207 करोड़ रुपये का मुनाफा अर्जित किया है। कंपनी को इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च और पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन से लगातार दो वर्षों से सर्वोच्च ए++ रेटिंग प्राप्त हुई है। अधिकारियों का कहना है कि कंपनी की आय में लगातार वृद्धि हो रही है और इसका वित्तीय प्रदर्शन निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है।

5 प्रतिशत नए शेयर जारी करने की तैयारी

प्रस्तावित ढांचे के अनुसार कंपनी लगभग 5 प्रतिशत नए इक्विटी शेयर जारी कर सकती है, जबकि राज्य सरकार अपनी 5 प्रतिशत हिस्सेदारी के विनिवेश पर भी विचार कर रही है। इससे कंपनी को पूंजी जुटाने, पारदर्शिता बढ़ाने और कॉर्पोरेट गवर्नेंस को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।

हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आईपीओ आने के बाद भी पावर ट्रांसमिशन कंपनी पर राज्य सरकार का नियंत्रण बना रहेगा और कर्मचारियों तथा अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

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