Murder on a Moving Train : चलती ट्रेन में युवक की चाकू मारकर हत्या…बारिश में दरवाजा बंद रखने की सलाह पर  बहस…धारदार हथियार निकालकर पेट में ताबड़तोड़ घोंप दिया चाकू…पलक झपकते ही 22 साल के युवक ने तोड़ा दम

Murder on a Moving Train : चलती ट्रेन में युवक की चाकू मारकर हत्या…बारिश में दरवाजा बंद रखने की सलाह पर बहस…धारदार हथियार निकालकर पेट में ताबड़तोड़ घोंप दिया चाकू…पलक झपकते ही 22 साल के युवक ने तोड़ा दम

मुंबई, 25 जून। Murder on a Moving Train : देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में लोकल ट्रेन के भीतर हुई एक सनसनीखेज वारदात ने यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बारिश के दौरान ट्रेन के प्रथम श्रेणी डिब्बे का दरवाजा खुला रखने को लेकर हुए मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया और एक युवक की जान चली गई।

जानकारी के मुताबिक, 22 वर्षीय मयंक लोहार पर मंगलवार रात चर्चगेट-नालासोपारा फास्ट लोकल ट्रेन में जानलेवा हमला किया गया। घटना उस समय हुई जब ट्रेन रात करीब 10:42 बजे अंधेरी स्टेशन से आगे बढ़ रही थी। मयंक लोहार और सहयात्री सचिन रमेश सुवर्णा के बीच ट्रेन का दरवाजा खुला रखने को लेकर बहस शुरू हुई। एक यात्री बारिश के कारण दरवाजा बंद रखना चाहता था, जबकि दूसरा उसे खुला रखने पर अड़ा हुआ था।

देखते ही देखते कहासुनी बढ़ गई और आरोपित ने अपने पास रखा धारदार हथियार निकालकर मयंक के पेट में चाकू घोंप दिया। गंभीर रूप से घायल मयंक को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

वारदात के बाद आरोपी बोरीवली स्टेशन पहुंचने से पहले ही चलती ट्रेन से उतरकर फरार हो गया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए व्यापक जांच शुरू की और करीब 400 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद आरोपी सचिन रमेश सुवर्णा को गिरफ्तार कर लिया।

गौरतलब है कि मुंबई लोकल में बीते तीन महीनों के भीतर यह दूसरी हत्या की घटना है, जिसने एक बार फिर रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। यात्रियों ने ट्रेनों में सुरक्षा बढ़ाने और नियमित निगरानी की मांग की है।

पुलिस ने आरोपी को कैसे दबोचा?

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बोरीवली स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर ट्रेन धीमी होने पर कूदकर भीड़ में गायब हो गया था। चूंकि पुलिस के पास उसकी पहचान का कोई सुराग नहीं था, इसलिए राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने तुरंत कार्रवाई की।आरोपी की तलाश के लिए पुलिस ने 7 विशेष जांच टीमें बनाईं। चर्चगेट से लेकर नालासोपारा और आसपास के निकास द्वारों के लगभग 400 से अधिक CCTV कैमरों को बारीकी से खंगाला गया।

फुटेज की जांच के दौरान पुलिस को आरोपी की टी-शर्ट पर उसकी कंपनी का लोगो (Logo) दिखाई दिया। इस सुराग के आधार पर पुलिस उस कार्गो कंपनी तक पहुंची और आरोपी का नाम व पता निकाला। आरोपी घटना के बाद अपने घर (मीरा रोड) गया, कपड़े बदले और गिरफ्तारी के डर से मुंबई छोड़कर मैंगलोर भागने की फिराक में था। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और मोबाइल लोकेशन ट्रैक करके उसे पनवेल/कुर्ला क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।

    इस सनसनीखेज हत्या के बाद मुंबई लोकल के यात्रियों की सुरक्षा को लेकर फिर से गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित परिवार ने आरोपी के लिए सख्त से सख्त सजा यानि फांसी की मांग की है।

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