Youth Congress Election : भूपेश बनाम देवेंद्र खेमा…! कौन बनेगा युवा कांग्रेस का कप्तान…? अध्यक्ष पद की रेस में है अमरजीत भगत के बेटे आदित्य सहित ये 45 नेता के नाम

Youth Congress Election : भूपेश बनाम देवेंद्र खेमा…! कौन बनेगा युवा कांग्रेस का कप्तान…? अध्यक्ष पद की रेस में है अमरजीत भगत के बेटे आदित्य सहित ये 45 नेता के नाम

रायपुर, 27 जून। Youth Congress Election : छत्तीसगढ़ युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। संगठन की राष्ट्रीय इकाई ने इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी करने के बाद 45 युवा नेताओं को प्रदेश अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने के लिए पात्र घोषित किया है। इसके साथ ही प्रदेश की युवा राजनीति में समीकरणों और गुटीय समर्थन को लेकर चर्चाओं का दौर भी शुरू हो गया है।

सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस चुनाव को केवल संगठनात्मक प्रक्रिया नहीं, बल्कि कांग्रेस के भीतर उभरते नए नेतृत्व और राजनीतिक प्रभाव की परीक्षा के तौर पर भी देखा जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और भिलाई विधायक देवेन्द्र यादव के समर्थक खेमों की सक्रियता को लेकर चर्चाएं तेज हैं।

इन 4 दिग्गजों के बीच है असली मुकाबला

नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और 29 जून को स्क्रूटनी की जाएगी। चुनावी विश्लेषकों की मानें तो प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए मुख्य मुकाबला इन चार चेहरों के बीच सिमटता दिख रहा है:

  1. आदित्य भगत: पूर्व मंत्री अमरजीत भगत के पुत्र।
  2. विनयशील गुप्ता: कुनकुरी नगर पंचायत के अध्यक्ष।
  3. निखिलकांत साहू: महासमुंद नगर पालिका के अध्यक्ष।
  4. शैलेंद्र बंजारे: बलौदाबाजार-भाटापारा के जिला पंचायत सदस्य।

इसके अलावा जीशान कुरैशी, तुकाराम चंद्रवंशी, भावेंद्र गंगोत्री, आदिल आलम खेरानी, मानव देशमुख, सोनिका पोर्ते, जसमीत शर्मा, रूबी तिवारी, गौरव मिश्रा, हनी परमीत बग्गा, प्रीतिका विश्वकर्मा, गणेश दुग्गा, मनहरण वर्मा सहित कई युवा नेता भी मैदान में हैं।

समर्थन को लेकर चर्चाएं तेज

पार्टी सूत्रों की मानें तो पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, विनयशील गुप्ता के पक्ष में समर्थन दे सकते हैं, जबकि भिलाई विधायक देवेन्द्र यादव को शैलेंद्र बंजारे का समर्थक माना जा रहा है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

चुनावी प्रक्रिया जारी

युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सहित अन्य पदों के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 29 जून को नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी होगी, जबकि जुलाई के अंतिम सप्ताह में मतदान और परिणाम की प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है। अगले कुछ दिनों में संगठन के भीतर समीकरण और स्पष्ट होने की उम्मीद जताई जा रही है।

पर्दे के पीछे बड़े नेताओं की ‘लॉबिंग’ शुरू!

इस चुनाव में न सिर्फ युवाओं की प्रतिष्ठा दांव पर है, बल्कि कांग्रेस के दिग्गजों की साख भी जुड़ी है। पार्टी सूत्रों से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का समर्थन विनयशील गुप्ता को मिल सकता है। वहीं, भिलाई के कद्दावर विधायक देवेन्द्र यादव, शैलेंद्र बंजारे के पक्ष में खुलकर बैटिंग करते नजर आ रहे हैं।

कब होंगे चुनाव?

आगामी दो से तीन दिनों में उम्मीदवारों की अंतिम तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी। स्क्रूटनी के बाद जुलाई के आखिरी सप्ताह में मतदान होना तय हुआ है।

इंटरव्यू पास करने वाले प्रमुख 45 नेताओं के नाम

इस चुनावी रेस के लिए जिन्हें पात्र माना गया है, उनमें प्रमुख रूप से जीशान कुरैशी, तुकाराम चंद्रवंशी, भावेंद्र गंगोत्री, भावेश शुक्ला, अनिमेष सिंह, आदिल आलम खेरानी, मानव देशमुख, सोनिका पोर्ते, जसमीत शर्मा, नीरज घोरे, खुशबू आदित्य वैष्णव, रूबी तिवारी, शैलेंद्र बंजारे, गौरव मिश्रा, प्रशांत बोकाडे, हनी परमीत बग्गा, अमित शर्मा, लोकेश वशिष्ठ, विनयशील गुप्ता, कापिलकांत, सतेंद्र चेलक, नजरुल इस्लाम, मृदुला बास्कर, गुलजेब अहमद, आशिका कुजूर, प्रीति वैष्णव, प्रीतिका विश्वकर्मा, गणेश दुग्गा और मनहरण वर्मा समेत अन्य युवा तुर्क शामिल हैं।

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छत्तीसगढ राजनीति